मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर से चरम की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ताजा बयान ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। एक तरफ बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है। ऐसे में हर अपडेट इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।
ट्रम्प का अल्टीमेटम और यूरेनियम पर सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर Iran के पास मौजूद ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम हासिल करना चाहता है। एयरफोर्स वन में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर बुधवार तक कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो सीजफायर खत्म किया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नाकेबंदी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर बमबारी दोबारा शुरू की जा सकती है।
बातचीत में गतिरोध, पाकिस्तान ट्रैक भी बेअसर
अमेरिका और Iran के बीच बातचीत फिलहाल आगे बढ़ने के बजाय अटकती नजर आ रही है। हाल ही में Pakistan में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत से भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। हालांकि बैकचैनल बातचीत से कुछ उम्मीद जरूर बनी थी, लेकिन अभी भी कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है, जिससे डील की राह मुश्किल बनी हुई है।
किन मुद्दों पर फंसी है डील
दोनों देशों के बीच मतभेद मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर हैं। पहला, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएंगे या नहीं। दूसरा, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को किस हद तक सीमित करेगा। और तीसरा, समुद्र में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही को लेकर क्या व्यवस्था होगी। इन मुद्दों पर सहमति के बिना किसी बड़े समझौते की संभावना कमजोर मानी जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव
Strait of Hormuz को लेकर स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका नाकेबंदी जारी रखता है, तो इस अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहाजों को ईरान की अनुमति लेनी होगी और तय रूट का पालन करना होगा। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फिलहाल इसे खुला बताया है और कहा है कि आवाजाही सामान्य बनी हुई है।
अमेरिका का सख्त रुख और नाकेबंदी जारी
अमेरिका की ओर से भी रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई दे रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक Donald Trump इसे हटाने का आदेश नहीं देते। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं that जब तक ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता, तब तक किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी।
ट्रम्प के दावों पर ईरान का तंज
Donald Trump ने दावा किया था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को हमेशा के लिए खोलने और अपना यूरेनियम अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है। हालांकि Iran ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रम्प को थोड़ा शांत रहना चाहिए और बिना पुष्टि के ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।
तेल बाजार को संभालने के लिए अमेरिका का कदम
तनाव के बीच अमेरिका ने अपने इमरजेंसी तेल भंडार से 2.6 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारा है। इसका मकसद सप्लाई बनाए रखना और कीमतों को बढ़ने से रोकना है। इससे पहले भी कई बार तेल जारी किया जा चुका है और अब तक कुल 12.6 करोड़ बैरल तेल कंपनियों को दिया जा चुका है।
“अच्छी खबर” ने बढ़ाया सस्पेंस
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Donald Trump का एक बयान और चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर उन्हें “अच्छी खबर” मिली है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह खबर क्या है। इस बयान ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है और यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या कोई बड़ा समझौता करीब है। अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। बातचीत और टकराव के बीच संतुलन बनाना दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती है। आने वाले कुछ दिन इस संकट की दिशा तय करेंगे—क्या यह मामला बातचीत से सुलझेगा या तनाव और बढ़ेगा।



