नई दिल्ली: गाजा में जारी संघर्ष ने एक बार फिर से मानवीय संकट को गहरा कर दिया है। हाल ही में गाजा के नासिर अस्पताल पर हुए हवाई हमले में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें पांच पत्रकार, डॉक्टर और रेस्क्यू टीम के सदस्य भी शामिल थे। इस घटना की दुनियाभर में कड़ी आलोचना हुई। अब इजरायल (Israel) ने इस हमले पर खेद जताते हुए कहा है कि उसका युद्ध केवल हमास के खिलाफ है, न कि पत्रकारों या नागरिकों के।
प्रधानमंत्री कार्यालय का बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा, “इजरायल गाजा के नासिर अस्पताल (Nasser Hospital Gaza) में हुई इस दुखद घटना पर गहरा खेद व्यक्त करता है। हम पत्रकारों, चिकित्सा कर्मचारियों और नागरिकों के कार्य का सम्मान करते हैं। सैन्य अधिकारी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। हमारा युद्ध केवल हमास आतंकवादियों के साथ है। हमारा उद्देश्य हमास को हराना और अपने बंधकों को सुरक्षित वापस लाना है।”
इजरायल ने साफ किया कि नागरिकों पर हमला उसकी रणनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि उसका फोकस हमास को खत्म करने पर है।
मारे गए पत्रकारों की पहचान
इस हमले में अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से जुड़े कई पत्रकारों की मौत हुई।
- अल जजीरा के मोहम्मद सलामा
- रॉयटर्स के कैमरामैन हुसैन अल-मसरी
- एपी (Associated Press) के लिए काम कर रहीं स्वतंत्र पत्रकार मरियम अबू दक्का
जानकारी के अनुसार, पहले अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर मिसाइल गिरी जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों की मदद के लिए जब लोग ऊपर पहुंचे, तभी दूसरी मिसाइल दागी गई और बड़ी संख्या में लोग मारे गए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
- हमले के तुरंत बाद मीडिया जगत और पत्रकार संगठनों ने नाराजगी जताई।
- अल जजीरा ने इसे “सच्चाई को दबाने का प्रयास” करार दिया।
- फिलिस्तीनी जर्नलिस्ट सिंडिकेट ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य पत्रकारों को डराना और उनकी आवाज़ को खामोश करना है।
- पत्रकारों पर हमले से प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
- गाजा में बढ़ता मानवीय संकट
- गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार,
- सोमवार सुबह से अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 6 अगस्त से अब तक गाजा की 1000 से ज्यादा इमारतें तबाह हो चुकी हैं।
लगातार हो रहे हमलों से अस्पताल, स्कूल और शरणार्थी केंद्र भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आम नागरिकों के लिए हालात बेहद खराब हो गए हैं।
नासिर अस्पताल पर हमला न सिर्फ मानवीय त्रासदी है बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाता है। इजरायल ने भले ही खेद व्यक्त किया हो, लेकिन गाजा में बढ़ती मौतें और तबाही दुनिया को झकझोर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस पर और सख्त प्रतिक्रिया की मांग कर रहा है, ताकि निर्दोष नागरिक और पत्रकार युद्ध का शिकार न बनें।



