नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan Arms Smuggling) से जुड़े नेटवर्क के तार अब वैश्विक हथियार तस्करी (Global Weapon Network) से जुड़ते नजर आ रहे हैं। एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह नेटवर्क भारत और अफगानिस्तान की सीमाओं से आगे बढ़कर ईरान, यमन, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के अवैध हथियार बाजारों तक फैला हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क न केवल हथियारों की अवैध आपूर्ति में शामिल है, बल्कि ड्रोन तकनीक और विमान-रोधी गोला-बारूद की तस्करी में भी सक्रिय है। इस खुलासे ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना समर्थित गिरोहों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला
अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में पाकिस्तानी नागरिक मुहम्मद पहलवान (Muhammad Pehlwan) को 40 साल की जेल की सजा सुनाई है। उस पर आरोप है कि उसने ईरानी हथियारों को यमन के हाउती विद्रोहियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पहलवान ने मछली पकड़ने वाले जहाज का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल के हिस्से, एंटी-शिप मिसाइल कंपोनेंट्स और वारहेड्स शामिल थे।
मिशन के दौरान दो अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी नौसेना के विशेष बल सील्स (US Navy SEALs) ने जब इस ऑपरेशन को रोकने की कोशिश की, तब दो सैनिकों की जान चली गई। यह घटना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई।
आईएसआई और सेना समर्थित सिंडिकेट पर आरोप
एशियन न्यूज पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह कोई अलग-थलग मामला नहीं है। पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और सेना से जुड़े समूह हथियारों की तस्करी के इस नेटवर्क को संरक्षण देते रहे हैं। इनका उद्देश्य रणनीतिक प्रभाव बढ़ाना और आर्थिक लाभ हासिल करना बताया जा रहा है।
वैश्विक चिंता में इजाफा
अमेरिका और यूरोप की खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के नेटवर्क न केवल पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे आपराधिक नेटवर्क आतंकवादी संगठनों तक आधुनिक हथियार और ड्रोन तकनीक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर पाकिस्तान की वैश्विक छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी और यूरोपीय जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर इस नेटवर्क पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।



