नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत के खिलाफ सख्त व्यापारिक रुख अपनाते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क (Trump Tariff India) लगाने का फैसला किया है। यह नया शुल्क 7 अगस्त से लागू होगा, जबकि 27 अगस्त से अमेरिका को निर्यात होने वाली भारतीय वस्तुओं पर कुल मिलाकर 50 प्रतिशत शुल्क प्रभावी हो जाएगा। जब ट्रंप से पूछा गया कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है जबकि चीन (China India US Trade) जैसे अन्य देश भी ऐसा कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “अभी तो केवल 8 घंटे हुए हैं, आगे बहुत कुछ देखने को मिलेगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले दिनों में और भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
चीन पर योजना अधर में, भारत को सीधे झटका
राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने चीन पर शुल्क बढ़ाने की संभावना को “हो सकता है” कहकर टाल दिया, जिससे साफ हो गया कि फिलहाल अमेरिका का फोकस भारत पर है। चीन पर अभी तक 30 प्रतिशत और तुर्किये पर 15 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है, जबकि भारत पर अब कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक का शुल्क प्रभावी हो गया है।
भारत ने जताया विरोध, कार्रवाई के संकेत
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा हितों को देखते हुए निर्णय करता है, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने इस तरह का एकतरफा कदम उठाया। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण और अनुचित करार देते हुए कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
भारतीय उद्योगों पर पड़ेगा असर
यह फैसला विशेष रूप से भारतीय फुटवियर, खिलौने, ज्वेलरी, टेक्सटाइल और लेदर उत्पादों को प्रभावित करेगा। भारतीय निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका में अब प्रतिस्पर्धा करना बेहद मुश्किल होगा क्योंकि अन्य देशों पर इतने अधिक शुल्क नहीं लगाए गए हैं। उदाहरण के लिए, भारत के फुटवियर पर अब कुल 58 प्रतिशत शुल्क लगेगा जबकि चीन पर सिर्फ 30 प्रतिशत।
निर्यात में गिरावट की आशंका
बीते महीनों में अमेरिका के खरीदार भारत की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन अब शुल्क में वृद्धि के चलते वे फिर से चीन जैसे देशों की तरफ लौट सकते हैं। यह भारत के लिए बड़ा झटका हो सकता है, खासकर जब इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में अमेरिका को भारतीय निर्यात में 22% की वृद्धि दर्ज की गई थी। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अमेरिका को कुल 88 अरब डॉलर का माल निर्यात किया था।
व्यापारिक रिश्तों में बढ़ी तल्खी
अमेरिका और भारत (US-India Trade War) के बीच बढ़ती व्यापारिक तनातनी दोनों देशों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। जहां भारत को अपने निर्यात में बाधा झेलनी पड़ेगी, वहीं अमेरिका भी भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धी गुणवत्ता से वंचित हो सकता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश इस टकराव को सुलझाने की कोशिश करते हैं या तनाव और बढ़ता है।



