नई दिल्ली: इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को दिया गया है। स्वीडन की स्वीडिश एकेडमी ने उनके नाम का ऐलान किया। उनकी रचनाओं को बेहद प्रभावशाली और दूरदर्शी बताया गया। दुनिया में तबाही और डर के बीच भी उनकी कला शक्ति का प्रदर्शन करती हैं। लास्जलो गहरे विचार वाली उदास कहानियां लिखते हैं। भारतीय मूल के सलमान रुश्दी भी नोबेल पुरस्कार की रेस में थे, लेकिन वो चूक गए।
10 करोड़ है इनाम राशि
इस साल केमिस्ट्री के लिए तीन वैज्ञानिकों सुसुमु कितागवा, रिचर्ड रॉबसन और ओमार एम. यागी को नोबेल मिला है। इन्हें मेटल-ऑर्गेनिक फ़्रेमवर्क्स के विकास के लिए नोबेल दिया गया है।विजेताओं को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना यानी 10.3 करोड़ रुपए, सोने का मेडल और सर्टिफिकेट दिया जाएगा। लास्जलो क्रास्नाहोरकाई की किताबें ‘सैटानटैंगो’ और ‘द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस’ पर फिल्में भी बन चुकी हैं।
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कब हुई थी Nobel Prize की स्थापना
नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1895 में हुई थी, जब वैज्ञानिक और आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में इसका जिक्र किया। पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में दिया गया था। 1901 से 2024 तक मेडिसिन (चिकित्सा) के क्षेत्र में 229 लोगों को यह सम्मान मिल चुका है। शुरू में ये पुरस्कार सिर्फ भौतिकी (Physics), रसायन (Chemistry), मेडिसिन, साहित्य (Literature) और शांति (Peace) के क्षेत्र में दिए जाते थे। बाद में इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) के लिए भी नोबेल पुरस्कार शुरू किया गया।



