नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में इंडो-कैनेडियन बिजनेस चैंबर को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में ब्राजील के G-20 समिट में प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने व्यापार को दोगुना करने और CEPA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट) जल्द पूरा करने पर सहमति जताई है। इस महीने कनाडा के व्यापार मंत्री से सातवीं दौर की बातचीत भी हो चुकी है।
खनिज और स्वच्छ ऊर्जा में कनाडा की ताकत, भारत का बाजार
मंत्री ने बताया कि कनाडा के पास लिथियम, कोबाल्ट, निकिल जैसे महत्वपूर्ण खनिज हैं, जिनकी इलेक्ट्रिक गाड़ी और बैट्री बनाने में जरूरत है। भारत में इनकी प्रोसेसिंग की बड़ी क्षमता है। दोनों मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत बना सकते हैं। भारत 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा (सौर-हवा-पनबिजली) बना लेगा और 24 घंटे सस्ती हरी बिजली दे सकेगा। यह दुनिया में बहुत कम लोकतंत्र कर पाते हैं।
AI और नई टेक्नोलॉजी में भारत का दम
भारत हर साल सबसे ज्यादा STEM (साइंस-टेक्नोलॉजी-इंजीनियरिंग-मैथ्स) ग्रेजुएट पैदा करता है। AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, डेटा सेंटर में हमारा युवा दुनिया में नंबर-1 है। कनाडा का इनोवेशन और भारत का टैलेंट मिल जाए तो कुछ भी असंभव नहीं।
कनाडा की पेंशन फंड पहले से भारत में लगा रही पैसा
कनाडा की बड़ी पेंशन फंड्स भारत में सड़क, हवाई अड्डा, बिजली प्रोजेक्ट में पहले से निवेश कर रही हैं। अब कई कनाडाई कंपनियां भारत में अपना प्लांट-ऑफिस बढ़ा रही हैं। मंत्री ने कहा कि भारत अब “नाजुक पांच” से निकलकर दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2-2.5 साल में तीसरा नंबर आएगा।
पांच सूत्री प्लान से रिश्ते और मजबूत होंगे
मंत्री ने पांच बातों का फॉर्मूला दिया। इसमें उन्होंने हर बात का ठोस नतीजा निकालें, हर क्षेत्र का रोडमैप बनाएं, प्रगति को मापें और CEO फोरम फिर शुरू करें की बातें कही।
कनाडा भारत के आने वाले AI समिट में जरूर आए
उन्होंने कनाडाई कंपनियों को 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा में साथ चलने का न्योता दिया। ऐसे में मंत्री ने कहा कि भारत-कनाडा का रिश्ता सिर्फ व्यापार नहीं, विश्वास और साझा मूल्यों पर टिका है। दोनों देश एक-दूसरे के लिए भरोसेमंद पार्टनर हैं। आने वाले सालों में यह साझेदारी और चमकेगी।



