नई दिल्ली: विदेश में बसने का सपना हर भारतीय के दिल में होता है, लेकिन बजट की कमी अक्सर रास्ते में रोड़ा बनती है। अब मध्यम वर्ग के भारतीयों के लिए दुनिया के 5 देश कम खर्च में स्थायी नागरिकता का सुनहरा मौका दे रहे हैं। ये देश न केवल किफायती हैं, बल्कि उनकी शर्तें भी आसान हैं। आइए, इन देशों और उनकी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानें।
1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): गोल्डन वीजा का अवसर
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीयों को गोल्डन वीजा के जरिए आजीवन निवास का मौका दे रहा है। इसके लिए केवल 23-25 लाख रुपये (AED 1,00,000) का निवेश पर्याप्त है। इस वीजा के लिए न तो न्यूनतम वेतन की शर्त है और न ही संपत्ति में निवेश की जरूरत। साफ आपराधिक रिकॉर्ड और बुनियादी दस्तावेजों के साथ भारतीय आसानी से आवेदन कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए शानदार विकल्प है जो खाड़ी देशों की आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहते हैं।
2. पराग्वे: सरल और सस्ता रास्ता
दक्षिण अमेरिका का पराग्वे मध्यम वर्ग के लिए सबसे किफायती विकल्पों में से एक है। पहले स्थायी निवास के लिए 4-5 लाख रुपये (5,000 डॉलर) जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब यह शर्त हट चुकी है। अस्थायी निवास के लिए आवेदन करें और दो साल बाद स्थायी नागरिकता पाएं। पराग्वे की आसान प्रक्रिया और कम लागत इसे आकर्षक बनाती है।
3. पनामा: कम लागत, आसान नियम
पनामा में स्थायी निवास के लिए 4-5 लाख रुपये (5,000 डॉलर) का निवेश करना होगा। प्रत्येक आश्रित के लिए अतिरिक्त 2,000 डॉलर देने पड़ सकते हैं। कानूनी और प्रोसेसिंग शुल्क मिलाकर कुल खर्च 15-20 लाख रुपये तक हो सकता है। पनामा की स्थिर अर्थव्यवस्था और सरल नियम इसे भारतीयों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
4. उरुग्वे: बिना निवेश के नागरिकता
उरुग्वे में स्थायी निवास के लिए 1.5-2 लाख रुपये (1,500-2,000 डॉलर) की मासिक आय का प्रमाण देना होगा। किसी बड़े निवेश की जरूरत नहीं, बस स्थिर आय का सबूत पर्याप्त है। यह मध्यम वर्ग के लिए यूरोप की तुलना में सस्ता और आसान विकल्प है।
5. पुर्तगाल: यूरोप में बसने का सपना
पुर्तगाल का D7 वीजा भारतीयों को यूरोप में बसने का मौका देता है। इसके लिए 9-10 लाख रुपये (10,440 यूरो) की वार्षिक आय दिखानी होगी और साल में 183 दिन वहां रहना होगा। पांच साल बाद नागरिकता के लिए आवेदन का रास्ता खुलता है। यह यूरोप का सपना साकार करने का किफायती तरीका है।



