नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी (UNFPA) ने चेतावनी दी है कि गजा में भूख के नतीजे विनाशकारी हो सकते हैं। एजेंसी के मुताबिक, भुखमरी, मनोवैज्ञानिक आघात और स्वास्थ्य सेवा की गिरावट से बच्चों का जन्म लेना मुश्किल हो सकता है। ऐसा संकट पूरी पीढ़ी के अस्तित्व के लिए खतरा हैं।
उधर, विश्व स्वास्थ संगठन का कहना है कि गजा में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में से 20 फीसदी से ज्यादा कुपोषित हैं। इसी कड़ी में UNFPA ने 2025 की अपनी पहली छमाही रिपोर्ट जारी की है। इसके आंकड़ों के मुताबिक, गजा में जन्म दर में तेजी से कमी आ रही है। इसकी बड़ी वजह कुपोषण है।
इससे पहले मई में फिलिस्तीनी सरकार ने कहा था कि इजरायल की नाकाबंदी से बड़ी आबादी पर संकट है। भुखमरी से बुजुर्गों व बच्चों की मौत की हो रही है। वहां के स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा था कि बीबीसी को एक इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र के सहायता प्रमुख ने जो 14000 बच्चों की मौत की आशंका जताई थी, वह वास्तविक है।
UNFPA की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि इस तरह का खतरा पूरी पीढ़ी का वजूद खत्म कर सकता है। रिपोर्ट बताती है कि इस साल जनवरी से जून तक 220 माताओं की मौत हुई है। यह 2022 की दर्ज मातृ मृत्यु की तुलना में 20 गुना ज्यादा है।



