नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार को कई देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की, जिसमें ब्राजील पर 50 प्रतिशत का कड़ा टैरिफ शामिल है। यह शुल्क 1 अगस्त से लागू होगा। ट्रंप ने अल्जीरिया, इराक, लीबिया, श्रीलंका, ब्रुनेई, मोल्दोवा और फिलीपींस जैसे देशों पर भी विभिन्न दरों के टैरिफ लगाने की बात कही। इस फैसले ने वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ा दिया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने इस कदम की कड़ी निंदा की और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
ब्राजील का कड़ा रुख
ट्रंप के 50% टैरिफ की घोषणा के तुरंत बाद, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने इस फैसले को एकतरफा और अनुचित बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ब्राजील अपनी संप्रभुता और स्वतंत्र संस्थाओं के साथ किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। लूला ने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका ने यह टैरिफ लागू किया, तो ब्राजील अपने आर्थिक पारस्परिकता कानून के तहत समान स्तर पर जवाबी कदम उठाएगा। इस बयान ने दोनों देशों के बीच संभावित व्यापार युद्ध की आशंकाओं को और बढ़ा दिया।
ट्रंप का बोलसोनारो कार्ड
ट्रंप ने अपने फैसले को ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई से जोड़ा। बोलसोनारो पर 2022 के चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप है, और वे वर्तमान में इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। ट्रंप ने इसे “राजनीतिक उत्पीड़न” करार देते हुए ब्राजील की न्यायिक प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि यह टैरिफ ब्राजील के कथित अनुचित व्यापारिक व्यवहार और बोलसोनारो के साथ दुर्व्यवहार के जवाब में लगाया गया है।
लूला का जवाबी हमला
राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी बात रखते हुए ट्रंप के दावों को खारिज किया। उन्होंने लिखा, “ब्राजील एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जिसकी अपनी स्वायत्त संस्थाएं हैं। हम किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” लूला ने जोर देकर कहा कि बोलसोनारो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से ब्राजील की न्यायपालिका के दायरे में है और इसे किसी बाहरी दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने ट्रंप के इस दावे को भी गलत बताया कि ब्राजील और अमेरिका के बीच व्यापार असंतुलित है। लूला ने कहा कि अमेरिकी आंकड़े स्वयं दिखाते हैं कि पिछले 15 वर्षों में अमेरिका को ब्राजील के साथ व्यापार में 410 अरब डॉलर का अधिशेष प्राप्त हुआ है।
आर्थिक और राजनैतिक प्रभाव
ट्रंप के इस टैरिफ के बाद ब्राजील की मुद्रा, रियाल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2% से अधिक गिर गई। ब्राजील की प्रमुख कंपनियों, जैसे कि विमान निर्माता एम्ब्रेयर और तेल कंपनी पेट्रोब्रास, के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। ब्राजील अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और यह टैरिफ अमेरिका में खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से कॉफी की कीमतों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि अमेरिका में खपत होने वाली लगभग एक तिहाई कॉफी ब्राजील से आती है।
ब्राजील की जवाबी रणनीति
राष्ट्रपति लूला, उनके उप-राष्ट्रपति और वित्त मंत्री ने बुधवार रात ब्रासीलिया में एक आपात बैठक की, जिसमें इस टैरिफ के जवाब पर चर्चा हुई। लूला ने अपने बयान में कहा कि ब्राजील की प्रतिक्रिया उसकी आर्थिक पारस्परिकता नीति पर आधारित होगी, जिसके तहत वह अमेरिकी वस्तुओं पर समान टैरिफ लगा सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ब्राजील की डिजिटल नीतियां और सोशल मीडिया नियम हिंसा या गलत सूचना को बढ़ावा देने वाली सामग्री को नियंत्रित करने के लिए हैं, न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने के लिए।
आगे की राह
यह विवाद न केवल आर्थिक, बल्कि राजनैतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। ट्रंप का यह कदम बोलसोनारो के प्रति उनकी सहानुभूति और ब्राजील की न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, लूला ने इसे ब्राजील की संप्रभुता पर हमला करार दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ता यह तनाव वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर गहरा असर डाल सकता है



