नई दिल्ली: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में आज सुबह 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप (Russia earthquake) दर्ज किया गया, जिसने पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। इस भूकंप के बाद जापान, अमेरिका के पश्चिमी तट, हवाई, गुआम और अन्य प्रशांत द्वीपों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की से करीब 125 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और यह पृथ्वी की सतह से मात्र 18 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसे विशेषज्ञों ने ‘उथला’ और अत्यधिक खतरनाक बताया है।
सदी का सबसे ताकतवर भूकंप
रूसी भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, यह 1952 के बाद कामचटका में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है और वैश्विक स्तर पर अब तक के सबसे तीव्र भूकंपों में छठे स्थान पर है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कामचटका के तटीय इलाकों में 3 से 5 मीटर ऊंची सुनामी लहरें देखी गई हैं, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन क्षेत्र में भूकंप के झटकों और सुनामी की आशंका के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
जापान और अन्य क्षेत्रों में सुनामी की लहरें
जापान के उत्तरी तटों पर सुनामी की पहली लहरें पहुंच चुकी हैं, जिसके चलते वहां के निवासियों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अमेरिका के पश्चिमी तट और प्रशांत द्वीपों में भी आपातकालीन अलर्ट जारी किए गए हैं। कामचटका प्रायद्वीप ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जो टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों के लिए कुख्यात है। यह क्षेत्र विश्व के सबसे सक्रिय भूकंपीय जोनों में से एक है, जिसमें जापान, इंडोनेशिया, और फिलीपींस जैसे देश शामिल हैं।
वैश्विक चिंता और राहत प्रयास
इस भूकंप ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि प्रशांत महासागर के कई देश इसकी चपेट में आ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने रूस के साथ राहत कार्यों में सहयोग की पेशकश की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ घंटे इस क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि सुनामी की लहरें और भूकंप के बाद के झटके स्थिति को और गंभीर कर सकते हैं।



