नई दिल्ली: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Besant) और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को कई बड़े आर्थिक और शैक्षिक फैसलों का ऐलान किया। एक ओर जहां टैरिफ (US Tariffs) से राजस्व बढ़ने की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर ट्रंप ने छह लाख चीनी छात्रों (600,000 Chinese Students) को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति देने का ऐलान किया है। इन दोनों मुद्दों को लेकर देश में व्यापक बहस छिड़ गई है।
टैरिफ से खजाने में रिकॉर्ड आमदनी
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Besant) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप (Trump Tariffs) की ओर से लगाए गए टैरिफ के जरिए सीमा शुल्क से राजस्व में तेज उछाल देखा गया है। उनके अनुसार, जुलाई से अगस्त के बीच संग्रहित राशि उम्मीद से काफी अधिक रही और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है।
व्हाइट हाउस कैबिनेट की बैठक (White House Cabinet Meeting) में बेसेंट ने कहा कि पहले 300 अरब डॉलर के आकलन को अब बहुत कम माना जा रहा है। अगर मौजूदा दर जारी रही तो सालाना राजस्व 500 अरब डॉलर से भी अधिक पहुंच सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि यह आंकड़ा एक ट्रिलियन डॉलर तक भी पहुंच सकता है, जिससे अमेरिका के बजट घाटे को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
चीनी छात्रों को मिलेगी प्रवेश की अनुमति
इसी बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने यह घोषणा कर सबको चौंका दिया कि अमेरिका अपने विश्वविद्यालयों में छह लाख चीनी छात्रों को प्रवेश देगा। यह फैसला इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि उनकी सरकार अब तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर सख्त रवैया अपनाती रही है।
हालांकि ट्रंप के इस कदम पर देश के भीतर आलोचना भी हो रही है। विरोधियों का कहना है कि यह नीति मौजूदा प्रशासन की पूर्व स्थिति से बिल्कुल उलट है। वहीं ट्रंप का मानना है कि यदि चीनी छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया तो अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है।
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अमेरिका-चीन रिश्तों की पृष्ठभूमि
टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन (America-China Relations) के बीच लंबे समय से तनातनी बनी हुई है। इन हालात में चीनी छात्रों को प्रवेश की अनुमति देने का फैसला दोनों देशों के रिश्तों में नरमी का संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ मजबूत संबंध अमेरिका के लिए अहम हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उन्हें चीन आने का निमंत्रण दिया है और वह इस रिश्ते को सकारात्मक दिशा में ले जाना चाहते हैं।
वित्त मंत्री के मुताबिक टैरिफ से जहां अमेरिका को राजस्व में भारी लाभ होगा, वहीं चीनी छात्रों को अनुमति देने का निर्णय शिक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है। हालांकि, इन फैसलों पर घरेलू राजनीति में विरोध भी देखने को मिल रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में ये कदम अमेरिका की अर्थव्यवस्था और चीन के साथ उसके रिश्तों को किस दिशा में ले जाते हैं।



