धूम्रपान से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ा

EASD की वार्षिक मीटिंग में पेश एक फ्रेश रिसर्च ने साबित किया कि सिगरेट पीना या तंबाकू चबाना टाइप-2 डायबिटीज के सभी वेरिएंट्स का रिस्क बढ़ा देता है।

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नई दिल्ली: लंबे समय से टाइप-2 डायबिटीज को एक सिंगल बीमारी समझा जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसे चार अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है। हर कैटेगरी के अपने लक्षण और जटिलताएं हैं। इसी कड़ी में यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) की वार्षिक मीटिंग में पेश एक फ्रेश रिसर्च ने साबित किया कि सिगरेट पीना या तंबाकू चबाना टाइप-2 डायबिटीज के सभी वेरिएंट्स का रिस्क बढ़ा देता है।

टाइप-2 डायबिटीज के चार वेरिएंट्स

वैज्ञानिकों ने टाइप-2 डायबिटीज को चार सब-टाइप्स में क्लासिफाई किया है:

  • सीवियर इंसुलिन रेसिस्टेंट डायबिटीज (SIRD): यहां बॉडी इंसुलिन के सिग्नल्स को इग्नोर कर देती है।
  • सीवियर इंसुलिन डेफिशिएंट डायबिटीज (SIDD): इसमें इंसुलिन का प्रोडक्शन बहुत कम हो जाता है।
  • माइल्ड ओबेसिटी-रिलेटेड डायबिटीज (MOD): ओवरवेट लोग, खासकर युवा उम्र में प्रभावित।
  • माइल्ड एज-रिलेटेड डायबिटीज (MARD): उम्र के साथ धीरे-धीरे डेवलप होने वाला टाइप।

अध्ययन की डिटेल्स

यह रिसर्च स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड के एक्सपर्ट्स ने जॉइंटली की। इसमें 3,325 डायबिटीज पेशेंट्स (जिनमें 495 SIDD, 477 SIRD, 693 MOD और 1,660 MARD शामिल) और 3,897 हेल्दी कंट्रोल्स के डेटा का यूज किया गया। नॉर्वे के 17 साल लॉन्ग फॉलो-अप स्टडी और स्वीडन के केस स्टडीज से डेटा एनालाइज किया। मकसद था चेक करना कि स्मोकिंग या स्नस जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स इन सब-टाइप्स पर अलग-अलग इंपैक्ट डालते हैं या नहीं।

स्मोकिंग का डायबिटीज पर इफेक्ट

स्टडी से पता चला कि जो लोग कभी भी स्मोकिंग कर चुके (पास्ट या करंट), उनमें सभी सब-टाइप्स का रिस्क हाई था। SIRD में सबसे ज्यादा, जहां रिस्क 2.15 टाइम्स ज्यादा। SIDD में 20%+, MOD में 29% और MARD में 27% इंक्रीज। मतलब, स्मोकिंग इंसुलिन रेसिस्टेंस वाली डायबिटीज को सबसे ज्यादा ट्रिगर करती है।

हेवी स्मोकिंग का खतरा

अगर कोई 15 पैक-ईयर्स (यानी रोज 20 सिगरेट 15 साल तक) स्मोक करता है, तो रिस्क और शार्पली बढ़ जाता। SIRD 2.35 गुना, SIDD 52%, MOD 57% और MARD 45% ज्यादा। यह दिखाता है कि ड्यूरेशन और अमाउंट जितना ज्यादा, खतरा उतना ही बड़ा।

दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स का रोल

स्वीडन में पॉपुलर स्नस (ओरल टोबैको) पर फोकस्ड एनालिसिस में पाया कि इसका हेवी यूज भी SIDD को 19% और SIRD को 13% बढ़ा देता। इससे क्लियर है कि सिगरेट के अलावा चबाने वाले तंबाकू भी डायबिटीज को इनवाइट करते हैं।

जेनेटिक फैक्टर और स्मोकिंग

रिसर्चर्स ने चेक किया कि जिनमें डायबिटीज का फैमिली हिस्ट्री या जेनेटिक रिस्क है, क्या स्मोकिंग उनका रिस्क और बढ़ाती? रिजल्ट्स शॉकिंग: हेवी स्मोकर्स जो जेनेटिकली इंसुलिन प्रोडक्शन में वीक हैं, उनमें SIRD का रिस्क 3.52 गुना हो जाता। यानी जेनेटिक्स और स्मोकिंग का कॉम्बो घातक।

निष्कर्ष और सलाह

यह स्टडी अलर्ट करती है कि स्मोकिंग न सिर्फ लंग्स या हार्ट को हिट करती, बल्कि डायबिटीज जैसी क्रॉनिक डिजीज को भी फ्यूल देती। क्विटिंग स्मोकिंग से डायबिटीज और इसके कंप्लिकेशंस (हार्ट अटैक, किडनी फेलियर) से बचाव हो सकता। अगर फैमिली में डायबिटीज है, तो स्मोकिंग से दूर रहना जरूरी। टाइप-2 डायबिटीज मॉडर्न हेल्थ क्राइसिस है, जहां लाइफस्टाइल चेंजेस कीबल हैं। स्मोक-फ्री लाइफ ही बेस्ट प्रिवेंशन है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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