नई दिल्ली: डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान देश का पहला केंद्रीय सरकारी अस्पताल बन गया है, जिसे नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से प्रमाण पत्र मिला है। यह मान्यता अस्पतालों के लिए देश में गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण मानक मानी जाती है।
अस्पताल के निदेशक डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह प्रत्यायन मरीजों की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, नैदानिक प्रोटोकॉल और प्रशासनिक प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों के अनुरूप अस्पताल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
NABH क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया का हिस्सा है
NABH, जो कि क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया का हिस्सा है। अस्पतालों के लिए 500 से अधिक मापनीय मानक तय करता है, जिनमें संक्रमण नियंत्रण, आपातकालीन देखभाल, दस्तावेजीकरण, मरीजों के अधिकार और स्टाफ प्रशिक्षण जैसे प्रोटोकॉल शामिल हैं। दिल्ली के कुछ ही सरकारी अस्पतालों को पूर्ण NABH सर्टिफिकेट प्राप्त है और अब तक किसी भी केंद्रीय सरकारी अस्पताल ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की थी।
डॉ. कुमार ने कहा, “यह हमारे संस्थान के लिए एक मील का पत्थर है। यह मरीज-केंद्रित और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक दीवान ने बताया, हमने सभी प्रक्रियाओं को दो वर्षों तक बनाए रखा और मॉनिटर किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने आवेदन किया और यह प्रमाण पत्र प्राप्त किया। यह संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है।
ऊंचे मानक तय किए
#WATCH | Ram Manohar Lohia Hospital in New Delhi has achieved a significant milestone, becoming the first Central Government hospital in the country to receive the NABH certification.
— DD News (@DDNewslive) August 12, 2025
On this occasion, Dr. Ashok Kumar, Director of RML Hospital, credited the achievement to the… pic.twitter.com/cfzWQAW04c
डीन प्रो. आर्टी मारिया ने कहा, “यह हमारे लिए खुद से किया गया एक वादा है—हमने अपने मानक ऊंचे तय किए हैं। इसका श्रेय उन सभी को जाता है जिन्होंने इसे साकार करने का सपना देखा और नर्सों, परिचारकों से लेकर सुरक्षाकर्मियों तक, सभी ने मिलकर काम किया।”
इसको भी पढ़ें: स्वस्थ बनेगी दिल्ली, CM Rekha Gupta का Delhi के लोगों को Ayushman Arogya Mandir का तोहफा
NABH क्या है
NABH समिति के अध्यक्ष प्रो. समीक भट्टाचार्य ने प्रक्रिया समझाते हुए बताया, NABH स्वास्थ्य सेवा में मान्यता प्रदान करता है। हमें तीन मुख्य मानकों नीति, दस्तावेज़ीकरण और क्रियान्वयन को पूरा करना था। 31 विभागों ने SOPs तैयार किए। लगभग 150 फॉर्म और प्रारूप बनाए गए। अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन कोड प्रशिक्षण आयोजित किए गए। NABH अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की, स्टाफ का साक्षात्कार लिया और अभ्यास सत्रों का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया, यह 1,500 बिस्तरों वाला अस्पताल है, जहां रोज़ाना 8,000 ओपीडी मरीज और 100–150 आपातकालीन मामले आते हैं। इस पैमाने पर 561 मानकों को पूरा करना अपने आप में एक मिशन है।



