जापान में फ्लू का कहर: 6,000 से ज्यादा मामले, महामारी की चपेट में पूरा देश

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अक्टूबर के शुरू में इसे महामारी का रूप दे दिया, जब देश के करीब 3,000 चुनिंदा अस्पतालों से औसत दो मरीज प्रति अस्पताल की खबर आई, यानी कुल 6,000 से ऊपर।

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नई दिल्ली: जापान इन दिनों इन्फ्लूएंजा की जबरदस्त मार झेल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अक्टूबर के शुरू में इसे महामारी का रूप दे दिया, जब देश के करीब 3,000 चुनिंदा अस्पतालों से औसत दो मरीज प्रति अस्पताल की खबर आई, यानी कुल 6,000 से ऊपर। महामारी घोषित करने का पैमाना सिर्फ 1.00 है, जो यहां पार हो चुका है।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा मार?

यह संक्रमण जापान के 47 प्रांतों में से 28 को अपनी जद में ले चुका है। ओकिनावा, टोक्यो और कागोशिमा जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे विकट है। ओकिनावा में तो हर अस्पताल में औसत 12.18 मामले सामने आ रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ऊंचा है। टोक्यो और कागोशिमा में भी केसों की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।

स्कूल और बच्चों पर भारी पड़ रहा असर

फ्लू की यह लहर सिर्फ स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं रुकी, बल्कि स्कूलों और चाइल्डकेयर सुविधाओं को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है। 135 से ज्यादा जगहों को अस्थाई बंदी का सामना करना पड़ा है, यह पिछले वर्ष से तीन गुना अधिक। यामागाता इलाके के एक प्राइमरी स्कूल में 36 बच्चों में से 22 में फ्लू के संकेत मिलने पर तुरंत ताला लगाना पड़ा।

क्यों फैल रहा इतना तेज?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार फ्लू का इतना जल्दी उभरना कई वजहों से हुआ। मुख्य वजह कोविड के बाद पर्यटन का फिर से जोर पकड़ना है, जिससे लोग देश-विदेश से आ-जा रहे हैं और वायरस भी साथ घूम रहा है। बढ़ती यात्राएं संक्रमण को और फैला रही हैं।

कैसे बचें इस संक्रमण से?

टोक्यो यूनिवर्सिटी के हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप फिट हैं, तो फ्लू घातक नहीं, लेकिन तकलीफदेह जरूर हो सकता है। बच्चे, सीनियर सिटीजन और पहले से बीमार लोगों को वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए। कुछ बेसिक टिप्स –

  • समय रहते फ्लू का टीका लगवाएं
  • हाथों को बार-बार साबुन से साफ रखें
  • भीड़ वाली जगहों से दूरी बनाएं
  • घर-ऑफिस में हवा का बहाव सुनिश्चित करें
  • जरूरत हो तो मास्क का इस्तेमाल करें

पर्यटकों के लिए क्या सलाह?

जापान हर साल लाखों सैलानियों को आकर्षित करता है, और इस बार भी पर्यटन में उछाल है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यहां का फ्लू स्ट्रेन दूसरे देशों से अलग हो सकता है, इसलिए घर से ली वैक्सीन कितनी काम आएगी, यह पक्का नहीं। फिर भी, यात्रा के दौरान हाथ धोना, अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह चुनना और बीमार महसूस होने पर मास्क लगाना जैसे कदम उठाएं।

WHO की नजर में इन्फ्लूएंजा क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सीजनल फ्लू एक तेज सांस की बीमारी है जो इन्फ्लूएंजा वायरस से फैलती है और दुनिया भर में आम है। ज्यादातर लोग एक हफ्ते में बिना दवा के ठीक हो जाते हैं, लेकिन यह गंभीर हो सकता है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं, हेल्थ वर्कर्स और क्रॉनिक बीमारियों वाले लोगों के लिए। मौत का खतरा भी रहता है। यह फ्लू वेव जापान में अपेक्षा से पहले और तेज आई है। हालात अभी काबू में हैं, लेकिन लापरवाही से बिगड़ सकते हैं। सरकार और एक्सपर्ट्स की अपील है कि सभी वैक्सीन लें और सफाई के नियम अपनाएं, ताकि कमजोर तबके सुरक्षित रहें।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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