सिर्फ 12% चांस बचा है जिंदा रहने का! इंसानों की गलती से संकट में ये Snake

वैज्ञानिकों ने 15 वर्षों के गहन अध्ययन में पाया है कि इंसानी दखल की वजह से ये Snake अब अपने ही रिश्तेदारों से प्रजनन कर रहे हैं, जिससे उनकी अगली पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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नई दिल्ली: अमेरिका के मिशिगन राज्य में पाया जाने वाला इकलौता जहरीला सांप (Snake) पूर्वी मासासाउगा रैटलस्नेक अब अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। वैज्ञानिकों ने 15 वर्षों के गहन अध्ययन में पाया है कि इंसानी दखल की वजह से ये सांप अब अपने ही रिश्तेदारों से प्रजनन कर रहे हैं, जिससे उनकी अगली पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इनब्रीडिंग (अंतः प्रजनन) के चलते इनकी जीवित रहने की दर में लगभग 12% की गिरावट आई है।

क्या कहती है रिसर्च?

मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने वर्ष 2009 से लगातार गर्मियों में इन सांपों पर निगरानी रखी। 1,000 से अधिक सांपों का डीएनए विश्लेषण और वंशावली ट्रैकिंग की गई। नतीजे चौंकाने वाले थे, जिन सांपों का प्रजनन अपने ही करीबी रिश्तेदारों से हुआ, उनकी संतानों की जीवित रहने की संभावना 13% तक कम हो गई। इसके अलावा, हर साल इनकी ओवरऑल सरवाइवल रेट में भी 12% की गिरावट दर्ज की गई।

क्यों हो रहा है ऐसा?

इन सांपों की खासियत है कि वे बेहद स्थानीय और सीमित क्षेत्र में रहने वाले जीव हैं। आमतौर पर वे उसी दलदली क्षेत्र में जीवनभर रहते हैं जहां उनका जन्म हुआ। लेकिन बीते वर्षों में सड़कें, इमारतें और खेतों ने उनके प्राकृतिक आवास को खंडित कर दिया है। इस विखंडन का नतीजा यह हुआ कि साथी की तलाश में निकलने पर वे अक्सर अपने ही परिवार के सांपों से प्रजनन कर रहे हैं, जिससे जेनेटिक डाइवर्सिटी घट रही है।

अंतः प्रजनन के खतरनाक परिणाम

जब कोई जीव अपने ही रिश्तेदार से प्रजनन करता है, तो संतान में शारीरिक कमजोरी, बीमारियों की आशंका, और कम आयु जैसे प्रभाव देखने को मिलते हैं। इसे इनब्रीडिंग डिप्रेशन कहा जाता है। इसका दीर्घकालिक परिणाम यह होता है कि पूरी प्रजाति खतरे में पड़ जाती है। यही हाल अब पूर्वी मासासाउगा रैटलस्नेक के साथ हो रहा है।

प्राकृतिक संतुलन में अहम भूमिका

हालांकि सांपों से अधिकतर लोग डरते हैं, लेकिन ये सांप पारिस्थितिक तंत्र में एक संतुलन बनाए रखते हैं। ये खेतों और घरों में घुसने वाले चूहों जैसे छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करते हैं। अगर ये सांप खत्म हो जाते हैं तो चूहों की बेलगाम आबादी इंसानों के लिए भी खतरा बन सकती है।

राह क्या है? वैज्ञानिकों के सुझाए उपाय

शोधकर्ताओं ने इस संकट से उबरने के लिए कई उपाय सुझाए हैं:

  • आवास पुनः निर्माण: दलदली क्षेत्रों को फिर से आपस में जोड़ा जाए ताकि सांप अपनी सीमाओं के बाहर साथी तलाश सकें।
  • वन्य जीवों के लिए अंडरपास: सड़कों के नीचे सुरक्षित रास्ते बनाए जाएं जिससे ये जानवर बिना किसी खतरे के दूसरी ओर जा सकें।
  • स्थानांतरण कार्यक्रम: कुछ सांपों को दूसरे क्षेत्रों में भेजा जाए ताकि उनके जीन पूल में विविधता बनी रहे।
  • जनजागरूकता अभियान: स्थानीय लोगों को बताया जाए कि सांप उनके दुश्मन नहीं, बल्कि प्राकृतिक मित्र हैं।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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