नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) ने भारतीय सेना की युद्ध रणनीति को एक नई दिशा दी है। अब सेना केवल क्षेत्र-आधारित भारी फायरिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सटीक, गहरे और निर्णायक हमलों की क्षमता हासिल कर चुकी है।
अमेरिका ने छापी रिपोर्ट
एक अमेरिकी रक्षा पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिनाका का यह नया संस्करण पारंपरिक तोपखाने को लंबी दूरी से सटीक हमला करने वाले प्रभावी प्रतिरोधक हथियार में बदल देता है। इससे सीमावर्ती इलाकों तक सीमित प्रभाव के बजाय दुश्मन के इलाके में अंदर तक गंभीर नुकसान पहुंचाना संभव होगा।
स्वदेशी हथियार प्रणाली
रिपोर्ट में बताया गया है कि डीआरडीओ ने पिछले वर्ष LRGR-120 का सफल परीक्षण किया, जिसमें रॉकेट ने 120 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को अत्यधिक सटीकता से भेदा। यह पूरी तरह स्वदेशी हथियार प्रणाली है और इसे मौजूदा पिनाका लॉन्चरों से ही दागा जा सकता है, जिससे सेना को नई प्रणाली पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
8 गाइडेड रॉकेट दागने की क्षमता
LRGR-120 में इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), उड़ान के दौरान बीच-मार्ग अपडेट और अंतिम चरण की गाइडेंस तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे रॉकेट लक्ष्य से भटकने की संभावना बेहद कम हो जाती है। पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) से एक साथ आठ गाइडेड रॉकेट दागे जा सकते हैं, जो दुश्मन के कमांड सेंटर, तोपखाने की तैनाती और लॉजिस्टिक ठिकानों को सटीक रूप से निशाना बना सकते हैं।
फ्रांस ने दिखाई रुचि
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट सिस्टम में रुचि दिखाई है। इससे अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में भारत की स्वदेशी हथियार प्रणालियों की बढ़ती स्वीकार्यता के संकेत मिलते हैं। हालांकि अमेरिकी HIMARS प्रणाली की रेंज अधिक है, लेकिन पिनाका भारत को लंबी दूरी के हमलों में मजबूत आत्मनिर्भर विकल्प प्रदान करता है।
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भविष्य में और बढ़ेगी मारक क्षमता
रिपोर्ट के मुताबिक, पिनाका एक स्थिर प्रणाली नहीं है। भविष्य में इसकी रेंज को 200 से 300 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजनाओं पर काम चल रहा है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की सैन्य तैयारियां और अधिक मजबूत हो जाएंगी।



