सेमीकॉन इंडिया: 21वीं सदी की शक्ति अब छोटी चिप में केंद्रित है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि 21वीं सदी की ताकत अब छोटी सी चिप में केंद्रित होगी। वह इसलिए कि इसी में वैश्विक प्रगति को तेज करने की क्षमता है।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया-2025 का उद्घाटन किया। इससे भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्‍टम को गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर की दुनिया में अक्सर कहा जाता है, ‘तेल काला सोना था, लेकिन चिप डिजिटल हीरे हैं, इस कथन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि तेल ने पिछली सदी को आकार दिया और दुनिया का भाग्य तेल के कुओं से तय होता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव इस बात पर निर्भर करता था कि इन कुओं से कितना पेट्रोलियम निकाला गया। 21वीं सदी की शक्ति अब छोटी चिप में केंद्रित है। आकार में छोटे होने के बावजूद ये चिप वैश्विक प्रगति को तेजी से बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पायलट लाइन से मेड-इन-इंडिया चिप्स का पहला सेट भेंट किया। केंद्रीय मंत्री ने बताया 7.8% जीडीपी वृद्धि से लेकर पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स के साथ बढ़ते सेमीकंडक्टर व्यवस्था तक, भारत स्थिरता के प्रकाश स्तंभ के रूप में मजबूती से खड़ा है।

600 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है सेमीकंडक्टर बाजार

मोदी ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाज़ार पहले ही 600 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में इसके 1 ट्रिलियन डॉलर को पार करने की आशा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस गति से भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इस 1 ट्रिलियन डॉलर के बाज़ार में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होगी।

50 देशों के एक्सपर्ट मौजूद रहे

इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 40 से 50 देशों के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नवाचार और युवा शक्ति भी इस कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से उपस्थित है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संदेश देता है कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है। दुनिया भारत में विश्वास करती है और दुनिया भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने सेमीकॉन इंडिया में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

सेमीकंडक्टर का सफर

  • 2021 में सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू हुआ था। 
  • 2023 तक भारत का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र स्वीकृत हो चुका है।
  • 2024 में कई और संयंत्रों को स्‍वीकृति मिल गई है।
  • 2025 में पांच अतिरिक्त परियोजनाओं को स्‍वीकृति मिल गई है। 
  • 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं वर्तमान में जारी हैं, जिनमें 18 अरब डॉलर से अधिक यानी 1.5 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का निवेश शामिल है।
सेमीकॉन इंडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

क्या है सेमीकॉन इंडिया

सेमीकॉन इंडिया- 2025 4 सितंबर तक चलने वाला तीन दिवसीय सम्मेलन है। यह भारत में एक मज़बूत, उदार और दीर्घकालिक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा। इसमें सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की प्रगति, सेमीकंडक्टर फैब और उन्नत पैकेजिंग परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे की तैयारी, स्मार्ट विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास और एआई में इनोवेशन, निवेश के अवसर, राज्य-स्तरीय नीति कार्यान्वयन आदि पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम में डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के अंतर्गत पहलों, स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के भविष्य के प्रारूप का भी उल्‍लेख किया जाएगा।

समझौता ज्ञापन/घोषणाएं

1. भारत में विनिर्माण और पैकेजिंग के क्षेत्र में सेमीकंडक्टर क्षमताओं को और मज़बूत करने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और मर्क के बीच समझौता ज्ञापन

2. घरेलू सेमीकंडक्टर डिजाइन और आईपी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) के बीच समझौता ज्ञापन

3. स्पर्श-आईक्यू, थर्डीटेक, फोकली और सेंससेमी टेक्नोलॉजीज के सहयोग से केयन्स सेमीकॉन द्वारा लॉन्च किए गए, भारत के पहले पूर्णतः स्थानीयकृत स्वचालित कैमरा मॉड्यूल के संयुक्त विकास की शुरुआत की घोषणा

4. इंफिनिऑन के सहयोग के साथ केयन्स सेमीकॉन द्वारा भारत के पहले एमईएम माइक्रोफ़ोन और उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेज प्रदान करने की घोषणा

5. स्मार्ट ऑपरेटिंग सिस्टम से युक्त मेक-इन-इंडिया सिक्योर चिप के संयुक्त विकास की शुरुआत की घोषणा, जिसे इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट जैसे अगली पीढ़ी के डिजिटल पहचान समाधान को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे एलएंडटी सेमीकंडक्टर द्वारा आईआईटी गांधीनगर और सी-डैक के सहयोग से एक स्केलेबल सुरक्षा आर्किटेक्चर के आधार पर पर बनाया गया है।

6. सेमीकंडक्टर अनुसंधान और क्वांटम नेतृत्व के लिए एक राष्ट्रीय नवाचार केंद्र बनाने हेतु एलएंडटी सेमीकंडक्टर और आईआईएससी बैंगलोर के बीच समझौता ज्ञापन।

7. सी-डैक द्वारा निर्मित स्वदेशी वीईजीए प्रोसेसर को गुजरात में एक महिला सह-नेतृत्व वाली घरेलू स्टार्टअप, इंडीसेमिक द्वारा ब्लूटूथ और लोरा कनेक्टिविटी के साथ एकीकृत करने वाले, भारत के पहले आईओटी इवोल्यूशन बोर्ड का अनावरण।

8. सेमीकंडक्टर कौशल, उद्योग-शैक्षणिक संबंधों और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एनआईईएलआईटी और सिंगापुर सेमीकंडक्टर उद्योग संघ (एसएसआईए) के बीच समझौता ज्ञापन।

9. भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर व्यवस्था तंत्र में भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं हेतु एक सहयोगी ढांचा स्थापित करने हेतु आईएसएम और न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएएमटेक) के बीच समझौता ज्ञापन, साथ ही आईएसएम के राष्ट्रीय रोडमैप के अनुरूप अनुप्रयुक्त अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाना।

10. वैज्ञानिक और शैक्षिक सहयोग पर एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के बीच समझौता ज्ञापन।

11. डीएलआई योजना के तहत, अनुमोदित कंपनियों को सिनोप्सिस आईपी तक सरल पहुँच प्रदान करने के लिए सी-डैक, सिनोप्सिस और आईआईटी मद्रास प्रवर्तक के बीच समझौता ज्ञापन।

12. डीएलआई योजना के तहत अनुमोदित कंपनियों को डिज़ाइन अवसंरचना सहायता की उपलब्धता की घोषणा, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

आईपी ​​कोर

  • आईटीसी कोरिया
  • सिक्योर आईसी
  • कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स
  • एनालॉग बिट्स

ईडीए टूल्स

  • सिम योग टेक्नोलॉजीज
  • कैडर डिजाइन सिस्टम्स

पोस्ट सिलिकॉन वैलिडेशन सेवाएं

  • इमर्सन ग्लोबल
  • स्मार्टसोक सॉल्यूशंस
  • साइएंट सेमीकंडक्टर

सेमिकॉन इंडिया और सेमी

सेमीकॉन इंडिया, सेमी की ओर से आयोजित दुनिया भर में आयोजित आठ वार्षिक सेमीकॉन प्रदर्शनियों में से एक है, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण व्यवस्था तंत्र के अधिकारियों और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। सेमी एक वैश्विक उद्योग संघ है जो सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन एवं विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला में दुनिया भर की 3,000 से अधिक सदस्य कंपनियों और 15 लाख पेशेवरों को एक साथ जोड़ता है। यह वकालत, कार्यबल विकास, स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और अन्य कार्यक्रमों के जरिए उद्योग जगत की प्रमुख चुनौतियों के समाधान पर सदस्यों के सहयोग को बढ़ावा देता है।

आईएसएम के बारे में

भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत आने वाली एक स्वतंत्र संस्था है। यह भारत में एक स्थायी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण व्यवस्था विकसित करने के लिए सेमीकंडक्टर इंडिया कार्यक्रम हेतु एक नोडल एजेंसी है।

20 हजार से ज्यादा लोग ले रहे हिस्सा

इसमें 20,750 से ज्यादा प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें 48 से ज्यादा देशों के 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधि, 50 से ज़्यादा वैश्विक नेताओं सहित 150 से ज्यादा वक्ता और 350 से ज़्यादा प्रदर्शक शामिल होंगे। इसमें 6 देशों की गोलमेज चर्चाएं, देश-स्तरीय मंडप और कार्यबल विकास एवं स्टार्ट-अप के लिए समर्पित मंडप भी शामिल होंगे।

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