नई दिल्ली: सरकार ने घरेलू उपकरणों (एसी और एलईडी लाइट) के लिए पीएलआईडब्ल्यूजी योजना की आवेदन विंडो फिर खोल दी है। 30 दिन का मौका मिला है।
उद्योग जगत की इस योजना के अंतर्गत और अधिक निवेश करने की इच्छा के आधार पर पुनः खोली जा रही है। यह पीएलआईडब्ल्यूजी योजना के तहत भारत में एसी और एलईडी लाइट्स के प्रमुख पुर्जों के निर्माण से बढ़ते बाजार और विश्वास फैसला किया गया है।
यहां करें आवेदन
इसके आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने में कई नियमों और शर्तों को लागू क्या गया है। 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक ऑनलाइन पोर्टल URL https://pliwg.dpiit.gov.in/पर योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। विंडो बंद होने के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ये हैं नियम और शर्तें
– आवेदक केवल योजना की शेष अवधि के लिए प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे।
– उच्च निवेश श्रेणी में जाने को इच्छुक नए आवेदक और मौजूदा लाभार्थी जीपी-2 (यानी मार्च 2023 तक) प्रस्तावित चौथे दौर में अनुमोदित आवेदक के मामले में अधिकतम दो वर्षों के लिए पीएलआई के लिए पात्र होगा।
– प्रस्तावित चौथे दौर में उच्च निवेश श्रेणी में जाने के इच्छुक जीपी-1 (यानी मार्च 2022 तक) चुनने वाले लाभार्थी केवल एक वर्ष के लिए पीएलआई के लिए पात्र होंगे।
इन विकल्पों को चुनने वाले मौजूदा लाभार्थी यदि किसी वर्ष में निवेश या बिक्री की सीमा हासिल नहीं कर पाते हैं तो वे अपनी मूल निवेश योजना के अनुसार दावे प्रस्तुत करने के पात्र होंगे। हालांकि यह छूट योजना अवधि के दौरान केवल एक बार मिलेगी।
10,406 करोड़ रुपये के निवेश हुए
अब तक पीएलआई योजना के तहत 10,406 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 83 आवेदकों को लाभार्थियों के रूप में चुना गया है। इस निवेश से संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के पुर्जों का निर्माण होगा। इसमें वे पुर्जे भी शामिल हैं जिनका वर्तमान में भारत में पर्याप्त मात्रा में निर्माण नहीं होता है।
क्या है स्कीम
2021 में यह योजना आई थी। एयर कंडीशनर (एसी) और एलईडी लाइटों के कलपुर्जों और सब-असेंबली के निर्माण के लिए घरेलू उपकरणों के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग को केंद्र में लाना और भारत के विकास को गति देने तथा रोजगार सृजन में जोर देना है। यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक सात वर्षों की अवधि में क्रियान्वित की जाएगी और इसका परिव्यय 6,238 करोड़ रुपये है।



