अब इस तरह लगेगी लोकतंत्र की पाठशाला

केंद्र सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्वशासन से जोड़ने के लिए बड़ी पहल की है। इसका आधार मॉडल यूथ ग्राम सभाएं बनी हैं। आइए, विस्तार से इस पहल को समझते हैं...

Share This Article:

नई दिल्ली: स्कूली छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) की शुरुआत की है। छात्र इससे नागरिक जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तैयार होंगे। MYGS की औपचारिक लांचिंग बीते 30 अक्तूबर को हुई। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से चलाई जा रही इस पहल में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय सहयोगी है।

केंद्र सरकार के मुताबिक, MYGS में अभी जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय को जोड़ा गया है। अलग-अलग स्तरों में इस पर काम हो रहा है। नवंबर बीतते-बीतते पांच क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें दोनों तरह के स्कूलों से पांच-पांच फाइनलिस्ट टीमें चुनी जाएंगी। फिर, इनके बीच दिसंबर में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में होगी। इसमें शीर्ष तीन टीमों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि तीनों टीमों को नकद पुरस्कार मिलेगा। वह इसका इस्तेमाल अपने स्कूल के विकास में कर सकेंगे।

यूं पड़ी इस पहल की नींव

यह ज्ञात तथ्य है कि भारत की आत्मा इसके गांवों में बसती है। देश भर के करीब 6.64 लाख गांवों में 65-70 फीसदी आबादी रहती है। इनकी शासनिक ताकत ग्राम सभाओं में बसती है। संविधान के अनुच्छेद-243 के तहत संवैधानिक निकाय के तौर पर ग्राम सभाएं प्रत्यक्ष लोकतंत्र का जीवंत उदाहरण हैं। इससे गांव का हर वयस्क व्यक्ति स्थानीय शासन की प्रक्रियाओं में हिस्सा लेता है। यह गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करता है। साथ में पंचायती राज संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है। यहां लोकतंत्र की मूल भावना जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए शासन की झलक मिलती है।

ग्रामीण शासन की रीढ़ होने के बाद भी ग्राम सभाओं में युवाओं की भागीदारी कम है। जागरूकता कम होने के साथ इसकी वजह ग्राम सभाओं के अपर्याप्त प्रदर्शन और सार्थक जुड़ाव के अवसरों की कमी रहा है। वह तब है, जब दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी अपने देश की है। सरकार का मानना है कि अगर युवाओं को कायदे से शासन की इस प्रणाली से जोड़ा गया तो इनकी सार्थक और उत्पादक भागीदारी विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में मददगार साबित होगी। साथ ही जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की नींव भी मजबूत होगी।

इन लक्ष्यों को हासिल करना मकसद

केंद्र सरकार का मानना है कि मॉडल यूथ ग्राम सभा छात्रों को सहभागी और अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से पंचायती राज संस्थानों की संरचना और कामकाज से परिचित कराएगी। इससे उनमें नेतृत्व कौशल भी विकसित होगा। इसके सहारे;

  • पंचायती राज व्यवस्था के बारे में छात्रों को शिक्षित कराया जाएगा। वह त्रिस्तरीय पंचायती राज से परिचित होंगे।
  • छात्रों को ग्राम सभाओं और स्थानीय शासन प्रक्रियाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • पंचायती राज संस्थानों को मजबूत करने के लिए युवाओं के बीच जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
  • छात्र जमीनी स्तर पर वास्तविक जीवन में शासन की चुनौतियों पर चर्चा व विश्लेषण करेंगे। इससे उनकी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समझ बढ़ेगी।
  • यह सशक्त, जिम्मेदार और सहानुभूतिपूर्ण युवा नागरिक तैयार करेगी। इससे वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और सतत व समावेशी राष्ट्रीय विकास में योगदान करते हैं।

मॉडल यूथ ग्राम सभा की इस तरह होगी बैठक

मॉडल ग्राम सभा छात्रों का सीधे तौर पर स्थानीय स्वशासन से जोड़ रही है। इसमें कुछ छात्रों को पद धारकों के रूप में नामित किया जा सकता है, मसलन, सरपंच, वार्ड सदस्य या अध्यक्ष। जबकि दूसरे छात्र स्थायी समितियों, सचिव, पीडीओ, या सहायक सरीखे पंचायत पदाधिकारियों, आशा, एडब्ल्यूडब्ल्यू या रोजगार सहायक जैसे फ्रंटलाइन कार्यकर्ता या अलग-अलग विभागों के अधिकारियों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। इसमें ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास शामिल हैं। छात्रों के समूह अपने समुदाय-विशिष्ट चिंताओं को व्यक्त करने के लिए ग्राम पंचायत के विभिन्न सामाजिक वर्गों का भी प्रतिनिधित्व करना है।

नियोजित होती पूरी बैठक

इन ग्राम सभाओं की बैठक नियोजित है। एजेंडा तय करने के साथ इसको ग्रामीणों तक पहुंचाया जाता है। बैठक की तय तिथि से दस दिन पहले इसकी नोटिस जारी होती है। बैठक का नेतृत्व सरपंच करते हैं। इसमें पिछले निर्णयों, कार्य-प्रगति, नए एजेंडे और कार्य योजना को अंतिम रूप देने पर प्रस्तुतियां दी जाती हैं। वह वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की सुविधा प्रदान करते हैं। इसमें बजट को अंतिम रूप देना, उपलब्ध निधियों का मूल्यांकन, प्रस्तावित कार्यों का अनुमान और वित्त पोषण की कमी की पहचान की जाती है। अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए संभावित स्रोतों का भी पता बैठक में लगाया जाता है। छात्र स्थानीय राजस्व सृजन के लिए नवीन विचारों का प्रस्ताव देकर विमर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। निर्णय प्रक्रिया में प्रमुख प्रस्तावों पर मतदान होता है। इसके बाद सरपंच इनका सारांश प्रस्तुत करता है।

इस तरह आगे बढ़ रही यह पहल

30 अक्तूबर की आधिकारिक लॉन्चिंग से बहुत पहले मार्च-अप्रैल 2025 से ही इस पर काम शुरू हो गया है। चुने गए जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में एक पायलट मॉडल ग्राम सभा व ग्राम पंचायत आयोजित की गई। इसमें पूरी प्रक्रिया छात्रों को समझाई गई। 20 फीसदी स्कूलों में मॉडल ग्राम पंचायत और 80 फीसदी स्कूलों में मॉडल ग्राम सभा की बैठकें आयोजित हुई। जो अनुभव मिला, उसके आधार पर इसकी मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) में आवश्यक संशोधन किया गया।

आगे हुआ विस्तार

  • इसके बाद जुलाई 2025 में और भी स्कूलों की पहचान की गई। जबकि जुलाई-अगस्त 2025 के दौरान 200 मास्टर प्रशिक्षकों और शिक्षकों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इससे उनको आगामी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया।
  • अगस्त-सितंबर 2025 में बागपत (उत्तर प्रदेश) और अलवर (राजस्थान) जैसे चिन्हित स्कूलों में मॉक ग्राम सभा सत्र आयोजित किए गए। इससे छात्रों को स्थानीय शासन प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिली।
  • अब अक्तूबर-नवंबर 2025 में पांच क्षेत्रों में क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं हो रही हैं। इसमें दोनों तरह के स्कूलों में से दस फाइनलिस्ट टीमों का चुनाव होगा।
  • इसका समापन दिसंबर 2025 में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में होगा। यहां दस टीमों में से शीर्ष तीन टीमों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।

भागीदार छात्रों और स्कूलों की फंडिंग और मान्यता

  • मॉक ग्राम सभा के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें हर भागीदार स्कूलों को 20,000 रुपये मिलेंगे। इसका उपयोग सभा की व्यवस्था में किया जा सकता है। इसमें लॉजिस्टिक सहायता और जलपान शामिल है।
  • भागीदार छात्रों को पंचायती राज मंत्रालय की ओर से प्रशंसा प्रमाणपत्र मिलेंगे।
  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी।
  • क्षेत्रीय स्तर पर विजेता टीम के लिए एक टोकन नकद पुरस्कार है। इस फंड का उपयोग स्कूल के विकास के लिए किया जा सकता है।
  • केंद्रीय स्तर पर 3 विजेता टीमों को नकद पुरस्कार मिलेगा। इसका उपयोग स्कूल के विकास के लिए किया जा सकता है।
  • मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चुनी गई टीमों के लिए लॉजिस्टिक का भी समर्थन करेगा।

अपेक्षित परिणाम

  • भागीदारी को बढ़ावा: छात्रों को स्थानीय शासन में सक्रिय रूप से संलग्न होने और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • युवा नेतृत्व को बढ़ावा: युवाओं को स्थानीय निकायों में नेतृत्व की भूमिका निभाने और अपने समुदायों में सार्थक योगदान करने के लिए प्रेरित करना।
  • युवा आवाजों को सशक्त बनाना: छात्रों को स्थानीय मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान करना, जागरूक चर्चाओं और समाधानों को बढ़ावा देना। युवाओं को अपनी ग्राम पंचायतों के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
Tags :

NewG Network

contact@newgindia.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.