भारत-ग्रीस की ‘साझेदारी’: डिजिटल क्रांति और आर्थिक भविष्य

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ग्रीस यात्रा ने भारत और ग्रीस के संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। यूपीआई का ग्रीस में लॉन्च होना न केवल डिजिटल भुगतान की दिशा में बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और आपसी विश्वास को मजबूत करने का एक माध्यम भी बन गया है।

Share This Article:

एथेंस, ग्रीस: आज के दौर में तकनीक की कोई सीमा नहीं होती। जब हम एक-दूसरे से हजारों मील दूर होते हैं, तब भी डिजिटल समाधान हमें करीब ले आते हैं। हाल ही में भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस की यात्रा के दौरान एक ऐसी ही महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ी है, जिसने दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नया आयाम दिया है। ग्रीस में भारतीय यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) की शुरुआत होना इस बात का प्रमाण है कि भारत के डिजिटल नवाचार अब पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन रहे हैं।

डिजिटल भुगतान: यूपीआई का वैश्विक विस्तार

मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को यह खुशखबरी साझा की कि अब भारत का यूपीआई ग्रीस में भी उपलब्ध है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अब वहां रहने वाले या यात्रा करने वाले योग्य ग्राहक बिना किसी झंझट के, सुरक्षित और तुरंत पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे।

पारंपरिक तरीके, जैसे कि विदेशी मुद्रा में लेनदेन करना या बैंक के जटिल अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर, न केवल धीमे होते थे, बल्कि उनमें लागत (Fees) भी बहुत अधिक आती थी। यूपीआई के आने से यह लेनदेन अब चुटकियों में और बहुत कम लागत में संभव हो पाएगा। मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि दुनिया भर में यूपीआई की बढ़ती स्वीकार्यता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें तकनीक का उपयोग जन-जन की भलाई के लिए किया जा रहा है। ये समाधान अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सीमाओं के पार जाकर साझा विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

इतिहास और वर्तमान: एक तुलनात्मक विश्लेषण

अगर हम इतिहास पर नजर डालें, तो भारत और ग्रीस के संबंध प्राचीन काल से ही रहे हैं। चाहे वह सिकंदर का भारत आना हो या सदियों पुराना रेशम मार्ग (सिल्क रूट), दोनों संस्कृतियों का आदान-प्रदान हमेशा से होता रहा है। लेकिन आज के युग में यह संबंध व्यापार और तकनीक के नए धरातल पर खड़े हैं।

पहले के दौर में जब कोई व्यक्ति विदेश जाता था, तो पैसे भेजने या भुगतान करने की प्रक्रिया महीनों लेती थी। फिर बैंकिंग प्रणाली में सुधार हुआ, लेकिन वह भी काफी खर्चीला था। आज, ‘डिजिटल क्रांति’ के युग में, हमने भुगतान को उतना ही आसान बना दिया है जितना कि एक संदेश भेजना। यूपीआई का ग्रीस में लॉन्च होना इस बात का उदाहरण है कि कैसे भारत अपनी पुरानी ऐतिहासिक मित्रता को आधुनिक डिजिटल साधनों के साथ जोड़कर ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में, वैश्विक अर्थव्यवस्था में वही देश सफल हो रहे हैं जो तकनीक को अपना रहे हैं, और भारत इसी दिशा में अग्रणी है।

आर्थिक साझेदारी और भविष्य की संभावनाएं

अपनी ग्रीस यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल ने यूरोबैंक के सीईओ फोकियन करावियास से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-ग्रीस के आर्थिक संबंधों को और अधिक गहरा बनाना था। मंत्री ने ग्रीक कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास के क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।

एथेंस में यूरोबैंक और एनआईपीएल (एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड) की साझेदारी में यूपीआई के लाइव प्रदर्शन को देखकर यह स्पष्ट हो गया कि दोनों देश भविष्य की जरूरतों के प्रति कितने गंभीर हैं। इस अवसर पर यूरोबैंक के सीईओ और फेयरफैक्स डिजिटल सर्विसेज के सीईओ संजय तुगनैत की उपस्थिति यह दर्शाती है कि निजी क्षेत्र भी इस बदलाव को लेकर उत्साहित है।

बिजनेस फोरम और भारत की बढ़ती साख

पीयूष गोयल ने ग्रीस के उप विदेश मंत्री हैरी थियोहारिस के साथ ‘भारत-ग्रीस बिजनेस फोरम’ को संबोधित किया। वहां मौजूद भारतीय समुदाय (डायस्पोरा) से मिलकर उन्होंने उनकी उपलब्धियों की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

उन्होंने ग्रीक उद्योगपतियों से ‘को-मैन्युफैक्चरिंग’ (मिलकर उत्पादन करने) और ‘को-इन्वेस्टमेंट’ (मिलकर निवेश करने) का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी चर्चा की, जो आने वाले समय में व्यापार के नए द्वार खोल सकता है। यह साझेदारी न केवल व्यापार बढ़ाएगी, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में साझा समृद्धि लाएगी।

निष्कर्ष

भारत और ग्रीस की यह नई साझेदारी महज एक डिजिटल सेवा का शुभारंभ नहीं है, बल्कि यह आने वाले कल की एक ठोस नींव है। तकनीक, विश्वास और साझा विजन के साथ, भारत और ग्रीस एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ दूरियां कम हैं और अवसर असीमित।

Basant Kumar

kumarbasantjha87@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.