स्थानीय निकायों को मिला वित्त अनुदान

15 वें वित्त आयोग द्वारा तय किए गए करों के वितरण पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है, इसी पूल के अंतर्गत स्थानीय निकायों को यह अनुदान दिया जा रहा है।

Share This Article:

असम और तमिलनाडु के स्थानीय निकायों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों को मानते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तमिलनाडु को 127.586 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए असम को 214.542 करोड़ रुपए की किस्त जारी कर दी हैं। तमिलनाडु में यह अनुदान राशि 2901 पात्र ग्राम पंचायतें, 74 पात्र ब्लॉक पंचायतें और 9 पात्र जिला पंचायतों में बांटी जायेगी, वहीं असम की 2192 ग्राम पंचायतें, 156 ब्लॉक पंचायतें और 27 जिला परि षदें भी लाभार्थी होंगी।

2 किस्तों में जारी होगा अनुदान

ये अनुदान की सिफारिश 15 वें वित्त आयोग के तहत की गई है,  जिसे अंततः वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आपको बात दें कि एक वित्त वर्ष में 2 किस्तों में यह अनुदान जारी किया जाता है और यह 2 तरह का होता है।  

कितने तरह के होते हैं अनुदान और कहां होगा उपयोग

इसमे अबद्ध अनुदान (Untied Grants) का उपयोग स्थानीय निकाय अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कर सकते हैं। यह वेतन और स्थापना व्यय पर खर्च नहीं किए जा सकते। इनका उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों से संबंधित कार्यों पर होता है।

जबकि बद्ध अनुदान (tied grants) का उपयोग स्वच्छता रखरखाव और बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है। इसमें घरेलू अपशिष्ट का प्रबंधन करते हुए विशेष रूप से मानव मल का प्रबंधन, पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल का संचयन और पानी का पुनर्चक्रण शामिल होना चाहिए।

क्या है वित्त आयोग और 15 वां वित्त आयोग

आर्टिकल 280 के तहत वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जिसका गठन राष्ट्रपति करते हैं। इसका मुख्य काम केंद्र-राज्य और राज्यों के बीच टैक्स से मिलने वाली आय के वितरण के लिए सुझाव देना है।

15वें वित्त आयोग के गठन की बात करें तो भारत के राष्ट्रपति द्वारा नवंबर 2017 में गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष एन.के. सिंह हैं। 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशें वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक पाँच वर्ष की अवधि के लिये मान्य रहेंगी।

16 वां वित्त आयोग

16 वें वित्त आयोग का गठन हो चुका है। इसके अध्यक्ष नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया हैं। इस आयोग का मुख्य कार्य 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले पाँच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण और बंटवारे के सिद्धांतों की सिफारिश करना है।

Kuldeep Dwivedi

kuldeepd999@gmail.com

NewG India का अनुभवी चेहरा, 2017 में RGPV से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। सिविल सर्विसेज कोच और लेखक के तौर पर शिक्षाकुल, एग्जामपुर, कॉसमॉस पब्लिकेशन जैसे अनेक संस्थानों में काम करने का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में NewG India में एंकर एवं रिसर्च स्कॉलर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.