भारतीय सिनेमा के लिए एक और गौरवशाली क्षण सामने आया है। ऋषभ शेट्टी की बहुचर्चित फिल्म ‘कांतारा: ए लीजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर के निर्देशन में बनी ‘तन्वी द ग्रेट’ ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार ‘ऑस्कर’ की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। ये दोनों फिल्में उन 201 फीचर फिल्मों की सूची में शामिल हो गई हैं, जो 98वें अकादमी पुरस्कारों (Oscars) में ‘बेस्ट पिक्चर’ श्रेणी के लिए पात्र मानी गई हैं।
कड़े मानकों पर खरी उतरीं भारतीय फिल्में
अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन फिल्मों ने सामान्य प्रविष्टि के अलावा सभी अतिरिक्त पात्रता आवश्यकताओं को पूरा किया है। इसमें अमेरिका के शीर्ष 50 बाजारों में से कम से कम 10 में थिएटर रन और ‘अकादमी रिप्रेजेंटेशन एंड इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स’ (RAISE) फॉर्म जमा करना शामिल है। इन फिल्मों ने अकादमी के समावेशन मानकों को भी सफलतापूर्वक पार किया है, जिससे इनकी वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।
‘कांतारा’ में दैव पूजा की जड़ें, ‘तन्वी’ में साहस की गाथा
होम्बले फिल्म्स द्वारा निर्मित ‘कांतारा: चैप्टर 1’ तुलुनाडु में दैव पूजा की उत्पत्ति और चौथी शताब्दी के कदंब राजवंश के इतिहास को दर्शाती है। फिल्म में ऋषभ शेट्टी ‘बरमे’ की भूमिका में हैं, जो कांतारा जंगल और जनजातीय समुदायों के रक्षक हैं। वहीं, अनुपम खेर निर्देशित ‘तन्वी द ग्रेट’ ऑटिज्म (Autism) और भारतीय सेना जैसे संवेदनशील विषयों को छूती है। इसमें शुभांगी ने तन्वी रैना की मुख्य भूमिका निभाई है, जो अपने दिवंगत पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए सेना में शामिल होने का सपना देखती है।
22 जनवरी को होगी अंतिम नामांकनों की घोषणा
ऑस्कर की इस दौड़ में अब सबकी निगाहें 22 जनवरी पर टिकी हैं, जब अकादमी आधिकारिक तौर पर अंतिम नामांकनों (Nominations) की घोषणा करेगी। इससे पहले नवंबर 2025 में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, एनिमेटेड फीचर और अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणियों के लिए पात्र फिल्मों की घोषणा की गई थी, जिनकी कुल संख्या 317 थी। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि इस बार ‘कांतारा’ और ‘तन्वी द ग्रेट’ इतिहास रचने में सफल होंगी।



