मुंबई: नीरज पांडे के निर्देशन में बनी और मनोज बाजपेयी स्टारर अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद इतना बढ़ गया है कि ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स (Netflix) ने अपने प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग से इस फिल्म को पूरी तरह हटा दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब मेकर्स ने फिल्म के सभी प्रमोशनल एसेट्स और टीज़र को वापस लेने का वादा किया।

क्या है पूरा विवाद?
विवाद की मुख्य जड़ फिल्म का टाइटल है। नेटफ्लिक्स के मुंबई इवेंट में एलान के बाद से ही ‘घूसखोर पंडत’ नाम को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया था। लोगों का आरोप है कि ‘पंडित’ शब्द के साथ ‘घूसखोर’ विशेषण जोड़कर एक पूरे समुदाय की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को जानबूझकर आहत किया गया है।
योगी सरकार का कड़ा रुख और FIR
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए फिल्म के मेकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में निर्देशक नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी सहित पूरी टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई। यूपी पुलिस का कहना है कि जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी
लगातार बढ़ते विरोध के बीच मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा, “मैं लोगों की चिंताओं और भावनाओं का सम्मान करता हूँ। एक अभिनेता के तौर पर मेरा मकसद सिर्फ एक किरदार को निभाना था जो आत्म-साक्षात्कार (self-realization) की यात्रा पर है। यह किसी समुदाय विशेष पर टिप्पणी नहीं थी। सार्वजनिक भावनाओं को देखते हुए मेकर्स ने प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है।”
सियासी गलियारों में भी हलचल
फिल्म को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस मामले में एंट्री लेते हुए इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताया और केंद्र सरकार से फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले सकता है।
क्या अब बदलेगा फिल्म का नाम?
फिलहाल नेटफ्लिक्स से फिल्म गायब है और यूट्यूब से ट्रेलर हटा दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो कानूनी पचड़ों और जनता के गुस्से को देखते हुए मेकर्स फिल्म का नाम बदलने (Re-branding) पर विचार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि नीरज पांडे इस प्रोजेक्ट को किस नए कलेवर में पेश करते हैं।



