नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने यो यो हनी सिंह और बादशाह के विवादास्पद गाने ‘Volume 1’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्ट्रीमिंग साइट्स से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस गाने की सामग्री पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कोई भी सभ्य समाज ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को स्वतंत्र रूप से उपलब्ध रहने की अनुमति नहीं दे सकता।
जस्टिस ने टिप्पणी की कि यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जिसने “न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।” कोर्ट ने माना कि गाने के बोल न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि महिलाओं को केवल वस्तु के रूप में चित्रित करने और अश्लीलता को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं।
हाईकोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लीलता फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती:
- अश्लीलता की सीमा: कोर्ट ने कहा कि यह गाना घोर अश्लील, अभद्र और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।
- बच्चों पर प्रभाव: सोशल मीडिया पर नाबालिगों की पहुंच को देखते हुए, ऐसे कंटेंट को ऑनलाइन रहने देना समाज के लिए खतरनाक है।
- हटाने का आदेश: कोर्ट ने हनी सिंह, बादशाह और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (जैसे स्पॉटिफाई) को निर्देश दिया है कि वे इस गाने से जुड़े सभी यूआरएल और लिंक तुरंत ब्लॉक करें।
माफिया मुंडीर से विवादों तक का सफर
हनी सिंह और बादशाह ने अपने करियर की शुरुआत ‘माफिया मुंडीर’ ग्रुप के साथ की थी, जिसमें रफ्तार, इक्का और लिल गोलू जैसे कलाकार भी शामिल थे। ‘Volume 1’ उसी समय (2006-07) का गाना है। 2012 में ग्रुप टूटने के बाद दोनों कलाकारों के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद चलता रहा है, लेकिन इस कानूनी कार्रवाई ने एक बार फिर दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
हाल ही में बादशाह अपने एक और ट्रैक ततीरी को लेकर भी विवादों में रहे थे, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।



