हाजीपुर: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जो लोग बिहार के विकास पर सवाल उठाते हैं, वह याद रखें कि इस बार वैशाली जिले की सातों सीटें एनडीए जीतेगी। सबसे पहले हार और भारी मतों से हार राजद नेता तेजस्वी यादव की होगी। वह इसलिए कि उन्होंने राघोपुर को पूरी तरह से ठग लिया है।
नित्यानंद राय ने कहा कि अपने माता-पिता से लेकर तेजस्वी यादव तक राघोपुर का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। इस परिवार से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे हैं। उनको आज राघोपुर में विकास देखना चाहिए। राघोपुर की सड़कें टूटी पड़ी हैं, बाढ़ से निजात नहीं मिल सकी है। यहां जो काम हुआ भी, वह नीतीश कुमार की सरकार ने किया।
नित्यानंद राय के मुताबिक, हाजीपुर, लालगंज, वैशाली हो या महुआ, राजापाकड़ व महनार सीट, सभी पर इस बार एनडीए का परचम लहराएगा। हाजीपुर का औद्योगिक क्षेत्र उस जमाने में भी सुरक्षित रखा गया, जिस जमाने में जिस समय को लोग जंगल राज कहते थे। बिहार में हाजीपुर का औद्योगिक क्षेत्र एक तरह से अच्छे रूप में स्थापित है। बड़ी-बड़ी कंपनियां लगी है। बिहार में इथेनॉल से लेकर के खास तरह की कई कंपनियां लगाई गई है।
टेंशन में नहीं, सामाजिक कल्याण के लिए दी पेंशन
नित्यानंद राय के मुताबिक, आज तेजस्वी यादव जो कहते हैं टेंशन में पेंशन दिया गया, यह टेंशन में पेंशन नहीं है। नीतीश कुमार की सरकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 400 की पेंशन की राशि को 1100 करने का निर्णय लिया है। तेजस्वी यादव को बैठे हुए पेंशन से टेंशन होने लगी है। इसलिए वह बौखला गए हैं।
बौद्ध सर्किट से जुड़ रहा वैशाली
वैशाली बौद्ध सर्किट से जुड़ रहा है। हाजीपुर से बछवारा एनएच लाइन बन रहा है। एक नई ट्रेन की शुरुआत प्रधानमंत्री ने की है। महात्मा गांधी सेतु के समानांतर पुल लगभग बनकर तैयार है। हाजीपुर में होटल मैनेजमेंट और सिपेट जैसी संस्थाओं को लाया गया। हाजीपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लाया गया। ड्रेनेज सिस्टम से हाजीपुर शहर को जलजमाव से भी जल्द मुक्ति मिलेगी। इसके लिए सांसद चिराग पासवान स्थानीय विधायक अवधेश सिंह, सभापति, उपसभापति एवं सभी पार्षदों को धन्यवाद देते हैं।
तेजस्वी को दिया एक महीने का समय
नित्यानंद राय ने कहा कि उन्होंने तेजस्वी यादव से कहा है आप एक महीने का समय देते हैं, आप जिस दिन बताएंगे उसी दिन हम बिहार के विकास यात्रा को आपको समझाएंगे। एनडीए सरकार के प्रयास से बिहार में कितना विकास हुआ है, यह समझाएंगे। अगर तेजस्वी यादव एक महीने के अंदर समय नहीं देते हैं तो उनको एक महीने के बाद हम जरूर समझने के लिए जाएंगे।



