पटना: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक और Election के लिए बिहार सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चुनाव की तैयारियों के संबंध में कड़े और विस्तृत निर्देश दिए हैं। इस बैठक में सारण प्रमंडल के जिलों की चुनाव तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) विनोद सिंह गुंजियाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करना था।
संवेदनशील बूथों पर विशेष ध्यान और बुनियादी सुविधाएं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संवेदनशील बूथों को चिह्नित कर उनके लिए एक विशेष रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इन सुविधाओं में शुद्ध पेयजल, शौचालय, बिजली, रैंप और शेड शामिल हैं। उन्होंने चुनाव से संबंधित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का भी आदेश दिया।
बालू माफियाओं और अपराधियों पर नकेल कसने का निर्देश
चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने बालू माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखने और उनके खिलाफ “मिशन मोड” में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के साथ अलग से बैठकें आयोजित की जाएं। इसके अलावा, जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने, फरार अपराधियों के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करने और थानों में “गुंडा पंजी” की नियमित जांच करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अधिकारियों को सभी चेकपोस्ट पर आधुनिक उपकरण जैसे पुलिस वायरलेस, नाइट विजन कैमरे और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिला कंट्रोल रूम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक त्वरित कार्य योजना (एक्शन प्लान) के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। डीजीपी विनय कुमार ने विशेष रूप से पिछले चुनावों में बाधा डालने वाले अपराधियों को चिह्नित करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही, मृत व्यक्तियों के लाइसेंस पर अवैध रूप से कारतूस खरीदने के मामलों की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मतदाता सूची में सुधार का कार्य जारी
चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत, राज्य के सभी 90,712 बूथों पर बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा मतदाता सूची में सुधार का काम जारी है। हटाए गए नामों की जानकारी राजनीतिक दलों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई है और संबंधित मतदाताओं से आवेदन पत्र भी मांगे गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक 5015 दावा-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं और 27,517 नए मतदाताओं ने फॉर्म 6 भरा है।
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प्रशांत किशोर के आरोपों पर सीईओ का जवाब
इस बीच, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर के उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें उन्होंने आयोग पर दलितों और प्रवासी बिहारियों के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया था। सीईओ ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में सुधार का काम अभी चल रहा है और राजनीतिक दलों को 1 सितंबर 2025 तक दावा-आपत्ति दाखिल करने का समय है। उन्होंने कहा कि समय से पहले किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति नागरिकों के विश्वास को कमजोर कर सकता है। उन्होंने सभी से मतदाता सूची को अपडेट करने के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने की अपील की।



