आदर्श परीक्षा केंद्रों से बिहार में परीक्षा की सूरत बदली

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए 'आदर्श परीक्षा केंद्रों' की स्थापना की है।

Share This Article:

पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य में परीक्षा प्रणाली को और भी पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए ‘आदर्श परीक्षा केंद्रों’ की स्थापना की है। यह पहल 22 मार्च 2025 को शुरू हुई थी और अब तक पटना, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, गया, सहरसा और मुंगेर समेत 12 शहरों में ऐसे केंद्र बनाए जा चुके हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं को रोकना और छात्रों को एक बेहतर माहौल प्रदान करना है।

अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस
ये ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) और पेपर आधारित टेस्ट (PBT) दोनों तरह की परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यहां कई आधुनिक सुविधाएं हैं।
ISO-प्रमाणित इंफ्रास्ट्रक्चर: जिससे परीक्षा का माहौल बेहतर और व्यवस्थित रहे।
AI-सक्षम CCTV सिस्टम: पूरे परिसर पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि कोई भी कोना निगरानी से बच न सके।
बायोमेट्रिक पंजीकरण: छात्रों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
सुरक्षित प्रिंटिंग जोन: प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए एक विशेष प्रिंटिंग जोन बनाया गया है।
कंट्रोल रूम: एक केंद्रीकृत कमांड कंट्रोल रूम से पूरे परीक्षा केंद्र को नियंत्रित किया जाता है।
आरामदायक माहौल: छात्रों के लिए एयर-कंडीशन्ड हॉल, पर्याप्त बैठने की जगह, बैग रखने के लिए स्थान और प्रतीक्षा कक्ष की भी व्यवस्था है।

छात्रों और पर्यवेक्षकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
इन केंद्रों पर हाल ही में भारतीय नौसेना की अधिकारी भर्ती और कई अन्य राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं। इससे यह साबित होता है कि बिहार परीक्षा संचालन में तकनीकी रूप से अग्रणी बन रहा है।
परीक्षा देने वाले छात्रों और पर्यवेक्षकों ने इस पहल की काफी सराहना की है। एक छात्र ने बताया, “पहली बार इतने व्यवस्थित और आधुनिक केंद्र में परीक्षा दी, जिससे मुझे बहुत सहज महसूस हुआ और मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।” एक पर्यवेक्षक ने कहा कि प्रवेश से लेकर परीक्षा खत्म होने तक की पूरी प्रक्रिया बेहद अनुशासित और कुशलता से संचालित थी।

रोजगार के अवसर और भविष्य की योजना
इन आदर्श केंद्रों से न केवल परीक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। तकनीकी स्टाफ, डेटा ऑपरेटर, और सुरक्षाकर्मियों के लिए नई नौकरियां सृजित हुई हैं।
इस पहल की सफलता को देखते हुए, बिहार सरकार की योजना है कि राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे और केंद्र बनाए जाएं। इससे कुल 14,000 सीटों की परीक्षा क्षमता विकसित हो सकेगी। यह पहल बिहार सरकार की सुशासन और डिजिटलीकरण की नीति का हिस्सा है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश कर रही है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.