नई दिल्ली। देश में हाल ही में हुए परीक्षा घोटालों और नीट पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और बड़ा रूप लेता जा रहा है। सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसे अब समाज के अन्य बड़े आंदोलनों का भी साथ मिलने लगा है। इसी बीच, मशहूर पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में आते हुए सरकार को देशव्यापी भूख हड़ताल शुरू करने की कड़ी चेतावनी दे दी है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज है।
जंतर-मंतर पर जारी विरोध
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को ठोस सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
रचनात्मक तरीके से जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने पारंपरिक नारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर लोकप्रिय मीम्स और पॉप-कल्चर संदर्भों का भी इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरीके से वे अपनी बात अधिक प्रभावी ढंग से युवाओं तक पहुंचाना चाहते हैं। कई पोस्टरों और बैनरों के जरिए परीक्षा प्रणाली की खामियों तथा जवाबदेही के मुद्दे को उठाया गया।
युवाओं की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।



