नई दिल्ली: NEET PG 2025 परीक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 1.38 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की निजी जानकारी ऑनलाइन लीक हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह संवेदनशील डेटा मात्र 3,599 रुपये में बेचा जा रहा है। इस घटना ने मेडिकल छात्रों और डॉक्टर समुदाय में हड़कंप मचा दिया है और सोशल मीडिया पर गुस्सा और चिंता की लहर दौड़ रही है।
कैसे उजागर हुआ मामला
यह मामला तब सामने आया जब एक अभ्यर्थी ने Reddit पर दावा किया कि एक Telegram चैनल पर NEET PG उम्मीदवारों का डेटा बेचा जा रहा है। इस चैनल पर डेटा की कीमत 15,000 रुपये बताई गई थी, लेकिन बाद में यह 3,599 रुपये में उपलब्ध होने की बात सामने आई। एक अभ्यर्थी ने अपनी जानकारी सत्यापित करने के लिए डिटेल्स साझा कीं और बिक्रीकर्ता ने उनका नाम, पिता का नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और राज्य जैसी सटीक जानकारी दी। इससे डेटा लीक की गंभीरता स्पष्ट हो गई।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
सोशल मीडिया, खासकर X पर, छात्रों ने इस लीक को गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन बताया। कई यूजर्स ने उस वेबसाइट के स्क्रीनशॉट साझा किए, जहां 1,38,456 उम्मीदवारों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध था। वेबसाइट ने खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए कुछ जानकारी सार्वजनिक भी की। छात्रों ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और इस प्रक्रिया से जुड़ी IT कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया, साथ ही पारदर्शिता की मांग की।
NBEMS और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) इस मामले में दबाव में है। पहले ही अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, आंसर की और प्रश्नपत्र सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को NBEMS को दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया था और यह मामला 28 अक्टूबर को फिर से सुना जाएगा।
आगे क्या?
यह लीक न केवल छात्रों की गोपनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है। उम्मीदवारों ने मांग की है कि जिम्मेदार संस्थाएं इस मामले की गहन जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।



