नई दिल्ली: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने आज गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 के एडमिशन हेतु पोस्ट-लॉटरी रिजल्ट घोषित कर दिया है। जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट kvsangathan.nic.in और admission.kvs.org.in पर जाकर चयनित बच्चों की सूची देख सकते हैं।
केवीएस ने स्पष्ट किया है कि यह लिस्ट स्कूल वाइज जारी की जा रही है। प्री-लॉटरी के बाद अब यह अंतिम चयन सूची है, जिसके आधार पर स्कूलों में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रवेश की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट खुलने में देरी हो सकती है, ऐसे में अभिभावकों को धैर्य बनाए रखने की सलाह दी गई है।
वेबसाइट के अलावा यहां भी देख सकते हैं रिजल्ट
संगठन के निर्देशों के अनुसार, सभी केंद्रीय विद्यालयों को अपने नोटिस बोर्ड पर पंजीकृत बच्चों की सूची, प्रवेश योग्य बच्चों की श्रेणी-वार चयन सूची और वेटिंग लिस्ट लगाना अनिवार्य है। यदि आप ऑनलाइन लिस्ट नहीं देख पा रहे हैं, तो संबंधित स्कूल के नोटिस बोर्ड या उनके आधिकारिक फेसबुक और ‘एक्स’ हैंडल पर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
KVS कक्षा 1 लॉटरी रिजल्ट कैसे चेक करें?
- सबसे पहले केवीएस की एडमिशन वेबसाइट admission.kvs.org.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Check Lottery Result’ के टैब पर क्लिक करें।
- अब अपने राज्य (State) का नाम चुनें और उस स्कूल को सेलेक्ट करें जहाँ आपने आवेदन किया था।
- कैप्चा कोड दर्ज कर ‘Search’ पर क्लिक करें।
- आपके सामने उस स्कूल की विभिन्न श्रेणियों (RTE, SC, ST, OBC, Service Category) की ‘Post Lottery List’ आ जाएगी।
- डाउनलोड बटन पर क्लिक करके पीडीएफ में अपने बच्चे का नाम और स्टेटस चेक करें।
एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
सफल उम्मीदवारों को स्कूल में दाखिले के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी जमा करनी होगी:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- सरकारी कर्मचारियों के लिए सर्विस सर्टिफिकेट
- दिव्यांग बच्चों के लिए CwSN सर्टिफिकेट
- बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो
केवीएस में आरक्षण का गणित
केंद्रीय विद्यालयों में सीटों का आवंटन निर्धारित आरक्षण नियमों के तहत किया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति (SC) के लिए 15%, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 7.5% और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के लिए 27% सीटें आरक्षित होती हैं। इसके अलावा, शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत 25% सीटें और दिव्यांग बच्चों के लिए 3% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है।



