नई दिल्ली: भारत में सिविल सेवा के लिए यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा आयोजित की जाती है, जो देश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों जैसे IAS और IPS का चयन करती है। लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस तरह की प्रक्रिया क्या है? पाकिस्तान में सिविल सेवा के लिए Central Superior Services (CSS) नाम की परीक्षा होती है। इस परीक्षा का आयोजन Federal Public Service Commission (FPSC) करता है, जो भारत के UPSC के समकक्ष है। CSS के जरिए पाकिस्तान में प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के लिए अफसर चुने जाते हैं। वहां IAS के समान PAS (Pakistan Administrative Service) और IPS के समान PSP (Police Service of Pakistan) के पद होते हैं।
CSS परीक्षा की कठिनाई और प्रक्रिया
पाकिस्तान में CSS परीक्षा बेहद प्रतिस्पर्धी और कठिन मानी जाती है, ठीक उसी तरह जैसे भारत में UPSC की परीक्षा है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 30 वर्ष होनी चाहिए और वे अधिकतम तीन बार इसे दे सकते हैं। CSS में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल होते है, जिसमें सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, इस्लामिक अध्ययन और वैकल्पिक विषयों पर सवाल पूछे जाते है। यह परीक्षा न केवल बुद्धिमत्ता बल्कि धैर्य और कठिन परिश्रम की भी मांग करती है। उदाहरण के लिए, 2019 में 14,500 से अधिक उम्मीदवारों ने CSS परीक्षा दी थी, लेकिन केवल 214 ही अंतिम रूप से चयनित हुए थे। यह आंकड़ा इसकी कठिनाई को दर्शाता है।
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पाकिस्तान में सिविल सेवाओं का महत्व
पाकिस्तान में CSS पास करने वाले अफसर देश के प्रशासन, नीति निर्माण और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। PAS और PSP जैसे पदों पर चुने गए अधिकारी देश की शासन व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यह परीक्षा युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है, जो समाज में बदलाव लाने और देश के लिए सेवा करने का सपना देखते हैं। ऐसे में भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों में सिविल सेवा परीक्षाएं न केवल कठिन है, बल्कि ये समाज के प्रति जिम्मेदारी और नेतृत्व का प्रतीक भी है।



