नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में इस बार माहौल बेहद गर्म है। आज यूनिवर्सिटी में मतदान होना हैं जिसमे 52 कॉलेजों के लगभग 2.8 लाख छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस साल के चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार चार प्रमुख पदों के लिए मैदान में हैं। इस चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का उपयोग किया जा रहा है। मतदान के बाद कल शुक्रवार को होने वाली मतगणना के बाद तय होगा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर किसे जीत मिलती हैं।
मतदान की प्रक्रिया और समय
पहली शिफ्ट में आज के दिन कॉलेजों के छात्र 1 बजे तक वोट डाल चुके हैं, जबकि दूसरी शिफ्ट 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक चलेगी। यह शिफ्ट ईवनिंग कॉलेज के छात्रों को ध्यान में रखकर तय किया गया हैं।
सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी और बड़े घमासान को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 195 मतदान केंद्रों पर लगभग 700 EVM तैनात की गई हैं।
नई शिक्षा नीति का असर
इस साल पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत तीसरे वर्ष के छात्रों को उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पदों पर चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है। पहले यह अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए प्रतिबंधित था।
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मुख्य पदों पर मुकाबला
इस बार छात्रसंघ चुनाव में चार प्रमुख पद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला है। ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आर्यन मान ने यह दावा किया है कि इस बार ABVP सभी अन्य संगठनो को क्लीन स्वीप करेगा।
निष्कर्ष
DU के इस साल के छात्रसंघ चुनाव न केवल नई व्यवस्थाओं और नियमों के कारण खास है, बल्कि सुरक्षा और पारदर्शिता की दृष्टि से भी अहम है। अब शुक्रवार को होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ की नई कमान किसके हाथ में होगी।




