कोलकाता। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति और निवेश माहौल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल अब निवेश के अनुकूल राज्य नहीं रह गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में कंपनियां राज्य छोड़कर दूसरे राज्यों में जा रही हैं।
देशभर में फैले बंगाली डायस्पोरा का बंगाल के साथ भावनात्मक जुड़ाव
शमिक भट्टाचार्य ने ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी के सचिव युधाजीत सेन मजूमदार की मौजूदगी में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा देशभर में फैले हुए बंगाली डायस्पोरा, जिनका बंगाल के साथ भावनात्मक जुड़ाव है, जो बंगाल में निवेश करना चाहते हैं और जो राज्य की वर्तमान स्थिति में बदलाव चाहते हैं, वे सभी इस चुनाव में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
इस बार बदलाव नहीं हुआ तो पश्चिम बंगाल के पास वापसी का कोई अवसर नहीं बचेगा
युधाजीत सेन मजूमदार ने कहा कि यह चुनाव पारंपरिक चुनाव नहीं है। पिछले 34 वर्षों और उसके बाद पिछले 15 वर्षों में जिस तरह से बंगाल में गिरावट आई है, उसे देखते हुए यदि इस बार बदलाव नहीं हुआ तो पश्चिम बंगाल के पास वापसी का कोई अवसर नहीं बचेगा। हम एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में फैले राष्ट्रवादी बंगाली इस परिवर्तन की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि पश्चिम बंगाल अपने वास्तविक स्वरूप में नहीं रहेगा तो बंगालियों की पहचान भी खतरे में पड़ जाएगी।
दुनिया भर में बसे बंगाली राज्य में निवेश करना चाहते हैं
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर में बसे बंगालियों ने देखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय पासपोर्ट आज वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। लेकिन एकमात्र दुख यह है कि बंगाल आज कितनी गिरावट में पहुंच गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सही समय है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो भाजपा सरकार है, उसे इस राज्य में भी लाया जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसे बंगाली इस राज्य में निवेश करना चाहते हैं, व्यापार करना चाहते हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं। लेकिन जब तक यहां नई सरकार नहीं आती, तब तक उन्हें विश्वास नहीं मिल रहा है। इसलिए परिवर्तन अवश्यंभावी है।



