दिल्ली में वायु प्रदूषण से जंग तेज, 6 नए मॉनिटरिंग सिस्टम से हवा की निगरानी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 ‘वायु रक्षक’ पहल शुरू की। बोली, प्रदूषण के खिलाफ 365 दिन चलेगा अभियान। दिल्ली में सीएएक्यूएमएस की संख्या 46, देश में सबसे बड़ा वायु निगरानी नेटवर्क। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की घोषणा, अब जमीन पर सख्त इंफोर्समेंट।

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नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को 6 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations, CAAQMS) और 100 ‘वायु रक्षक’ पहल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई केवल सर्दियों की नहीं, बल्कि पूरे साल चलने वाला अभियान है और दिल्ली सरकार इसके लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी स्टेशनों का ऑनलाइन उद्धाटन किया और ‘वायु रक्षक’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में पिछली सरकार की घोर लापरवाही के चलते वायु प्रदूषण लगातार गंभीर बन गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए उनकी सरकार लगातार गंभीर व प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर काम करना सिर्फ तीन-चार महीनों की जिम्मेदारी नहीं है। यह 365 दिन का विषय है। दिल्ली सरकार अपने संकल्प को आज फिर दोहरा रही है कि राजधानी को साफ, स्वच्छ और सांस लेने योग्य हवा देना हमारा कर्तव्य है।

डेटा पारदर्शिता और नीति निर्माण पर जोर

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एयर क्वालिटी डेटा पूरी तरह पारदर्शी होता है जिसे किसी भी स्तर पर बदला नहीं जा सकता। उन्होंने जानकारी दी कि पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे और अन्य पैरामीटर्स का डेटा हर 5 मिनट में ऑनलाइन अपडेट होता है। यह डेटा सार्वजनिक है, छुपाया नहीं जा सकता। हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ पालिसी बनाने में विश्वास करती है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पहले सोच यह थी कि थोड़े दिन शोर मचाओ और फिर भूल जाओ। स्मॉग टॉवर जैसे दिखावटी उपाय किए गए, जिनका कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा। हमारी सरकार समस्या की जड़ तक जाकर समाधान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (डीटीसी) आज देश में लगभग 4000 ईवी बसों का सबसे बड़ा बेड़ा रखती है और 2028 तक 14,000 क्लीन फ्यूल बसों को दिल्ली में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कूड़े के पहाड़ को खत्म करने, वेस्ट टू एनर्जी, मिस्ट स्प्रे, लिटर पिकर, मैकेनिकल रोड स्वीपर, एंटी स्मोग और ग्रीन कवर का विस्तार जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लंबी है, रोज काम करना होगा और हम करके रहेंगे। दिल्ली को बेहतर हवा भी देंगे और हरी-भरी दिल्ली भी बनाएंगे।

मॉनिटरिंग जितनी जरूरी है, इंफोर्समेंट उतना ही जरूरी है

इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मॉनिटरिंग जितनी जरूरी है, इंफोर्समेंट उतना ही जरूरी है। वायु रक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लागू हों। उन्होंने बताया कि 2024 में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) में 233 पद रिक्त थे, जिनमें से 157 पद केवल 11 महीनों में भर दिए गए, जो पिछली 10 वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना है। उन्होंने कहा कि 1985 से दिल्ली की हवा देश स्तर का मुद्दा है। दिल्ली में 15 साल कांग्रेस और 10 साल आम आदमी पार्टी ने शासन किया, लेकिन किसी ने स्थायी समाधान नहीं निकाला। आज पहली बार पोल्युशन के सोर्स पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को केवल एक सेक्टर से नहीं, बल्कि वाहन, सड़क निर्माण, धूल नियंत्रण और पौधारोपण, सभी मोर्चों पर एकसाथ नियंत्रित किया जा रहा है।

एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क का प्रभावी विस्तार

राजधानी में 6 नए सीएएक्यूएमएस जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं। इनके जुड़ने से दिल्ली में अब कुल 46 सीएएक्यूएमएस स्थापित हो चुके हैं, जो देश के किसी भी शहर से अधिक हैं। इन 46 स्टेशनों में से 30 दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), 10 भारत मौसम विज्ञान विभाग/आईआईटीएम, और 6 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में 14 और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

वायु रक्षक: मॉनिटरिंग के साथ-साथ इंफोर्समेंट

कार्यक्रम में 100 ‘वायु रक्षक’ की तैनाती की भी औपचारिक शुरुआत की गई, जो डीपीसीसी के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त 600 वायु रक्षक दिल्ली पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी कर रहे हैं।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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