नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026-27 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन से हुई। राष्ट्रपति ने कहा संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। बीता वर्ष भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। ये कालखंड अपने साथ अनेक प्रेरणाएं लेकर आया है। इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं। सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को नमन कर रहे हैं। मैं आप सभी संसद सदस्यों को बधाई देती हूं कि इस पुण्य अवसर पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।
गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी पर्व पूरी श्रद्धा से मनाया
इसी दौरान, देशवासियों ने गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी पर्व पूरी श्रद्धा से मनाया। भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जन्म-जयंती वर्ष के दौरान, देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जन्म-जयंती से जुड़े आयोजनों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भाव को मजबूती दी। सभी देशवासी इस बात के भी साक्षी बने कि कैसे भारत रत्न भूपेन हज़ारिका की जन्म-शताब्दी के समारोह, सुरों और देश की एकता के भाव से भरे हुए थे। जब देशवासी अतीत के ऐसे महान पड़ावों और अपने पूर्वजों के महान योगदान को याद करते हैं, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। ये प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और गति देती है। वर्ष 2026 के साथ ही हमारा देश इस सदी के दूसरे पड़ाव पर पहुंच गया है। भारत के लिए, सदी के पहले 25 वर्षों का समापन अनेक सफलताओं, गौरवशाली उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों के साथ हुआ है। बीते 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। ये वर्ष 2047 तक विकसित भारत की तेज यात्रा का बहुत बड़ा आधार हैं।
बाबा साहेब आंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर
बाबा साहेब आंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें यही प्रेरणा देता है। सच्चा सामाजिक न्याय यानी देश के हर नागरिक को उसका पूरा हक मिले, बिना किसी भेदभाव के मिले। मेरी सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है। और इसी का नतीजा है कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ देशवासी गरीबी को हराकर गरीबी से बाहर निकले हैं। सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त करने का अभियान और तेजी से आगे बढ़ा है।
पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने
पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने। बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं। जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शंस मिले हैं और पिछले वर्ष भी ये अभियान तेजी से आगे बढ़ा है। मेरी सरकार पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्थाओं को स्थाई बना रही है। इसी एक वर्ष में सरकार ने, पौने सात लाख करोड़ रुपए से अधिक लाभ DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों को पहुंचाया है।
सरकार सभी के लिए संवेदनशीलता से काम कर रही है
मेरी सरकार, दलितों, पिछड़ों, वंचितों, जनजातीय समाज, सभी के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। सबका साथ-सबका विकास का विजन देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला रहा है। वर्ष 2014 की शुरुआत में सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सोशल सिक्योरिटी की योजनाएं पहुंच पाती थीं। सरकार के प्रयासों में निरंतरता की वजह से आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी का कवच मिला है। गरीब मरीजों के लिए प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना से बीते वर्ष तक, देश भर के अस्पतालों में 11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत बीते वर्ष ढाई करोड़ गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है। बीते लगभग डेढ़ वर्ष में करीब एक करोड़ बुजुर्गों को वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं। इनकी मदद से करीब 8 लाख बुजुर्गों ने अस्पताल में भर्ती रहते हुए अपना मुफ्त इलाज कराया है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से मरीजों को घर के पास इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ
आज देश में बने 1 लाख 80 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की वजह से मरीजों को घर के पास इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है। मेरी सरकार ने बड़ी बीमारियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में साढ़े छह करोड़ से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इससे कई जनजातीय इलाकों में इस बीमारी को रोकने में मदद मिली है। मिशन-मोड में चलाए गए अभियानों के कारण जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। उत्तर प्रदेश के कई पिछड़े इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों में इस रोग की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हुई है। ये गर्व की बात है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को आंखों के संक्रमण, ट्रेकोमा से मुक्त घोषित कर दिया है। मेरी सरकार हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना की इसमें बड़ी भूमिका है। इन योजनाओं से करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों को बीमा कवरेज मिला है। इनके तहत 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक का क्लेम भी दिया गया है। ये योजनाएं संकट के समय करोड़ों गरीबों का संबल बनी हैं।
युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का विस्तार कर रहे हैं
मुझे ये देखकर संतोष है कि आज देश के युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार कर रहे हैं। बीते वर्ष के उत्साहवर्धक आंकड़े इसका प्रमाण हैं। पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन किया है। 150 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है। हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है। ये ब्लू इकॉनमी में देश की सफलता को दिखाता है। दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी, भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में जाना जाता है। ये सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है। देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी इस दौरान रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी फील्ड में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। 2025-26 के पहले 5 महीनों में भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इस साल भारत ने सौ से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्यात शुरू किया है।
करदाताओं की एक-एक पाई देश के विकास और जनकल्याण में खर्च हो रही
मेरी सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त व्यवस्था का निर्माण करने में सफल हो रही है। इससे करदाताओं की एक-एक पाई देश के विकास और जनकल्याण में खर्च हो रही है। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। जल-थल-नभ, हर क्षेत्र में भारत की तेज गति आज विश्व में चर्चा का विषय है। अटल जी के समय पीएम ग्रामीण सड़क योजना शुरू हुई थी। बीते एक वर्ष में भारत ने लगभग 18 हजार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें जोड़ी हैं। अब भारत की करीब-करीब पूरी ग्रामीण आबादी सड़क से जुड़ चुकी है। गरीब तथा मध्यम वर्ग की सेवा में लगी भारतीय रेल तेजी से शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर आगे बढ़ रही है।



