पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में लंबे खींचतान के बाद आखिरकार सीटों का बंटवारा हो गया है। यह न सिर्फ साझेदारी की मिसाल है, बल्कि बिहार के विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक भी। “NDA एक लक्ष्य, एक दिशा, एक विश्वास” के इस नारे के साथ सीट बंटवारे का ऐलान किया। सीट बंटवारे के तहत BJP को 101, JDU को 101, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 6 सीटें मिलेंगी। इस समझौते से एनडीए में खुशी का माहौल है।
NDA — एक लक्ष्य, एक दिशा, एक विश्वास।
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) October 12, 2025
BJP – 101
JDU – 101
LJP (R) – 29
RLM – 06
HAM – 06
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सौहार्द और साझेदारी की मिसाल पेश करते हुए सीट बंटवारा सफलतापूर्वक पूर्ण। यह सिर्फ गठबंधन नहीं, बिहार के विकास के प्रति एकजुट प्रतिबद्धता है। हर दल, हर कार्यकर्ता…
सीट बंटवारे में सबसे अधिक 14 सीटें जदयू को छोड़नी पड़ी है। भाजपा की नौ और हम की एक सीट गई। अगर पिछले चुनाव के समय हुए सीटों के बंटवारे को देखें तो जदयू के हिस्से की 21 और भाजपा के हिस्से की 20 सीटें निकल गई हैं। जदयू की यह जिद भी नहीं रही कि पिछले चुनाव में हम जिन सीटों पर लड़े थे, उनमें कोई सीट लोजपारा के लिए नहीं छोड़ेंगे।
इस बार 200 के पार
यह फॉर्मूला 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA की एकजुट ताकत को मजबूत करता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “यह बंटवारा सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि बिहार के हर कोने तक विकास पहुंचाने का संकल्प है। हमारा गठबंधन जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा, “2020 में हमने 125 सीटें जीतीं, इस बार 200 पार करेंगे।
यह समझौता BJP-JDU की बराबरी वाली साझेदारी है, जो छोटे सहयोगियों को भी सम्मान देती है। चिराग पासवान ने अपनी 29 सीटों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, पिताजी के सपनों को साकार करने का समय आ गया है। LJP(RV) दलित-ईबीसी वोटों को मजबूत करेगी। वहीं, उपेन्द्र कुशवाहा (RLM) और जीतन राम मांझी (HAM) ने इसे “समानता की जीत” बताया।
यह बंटवारा लंबी चर्चाओं का नतीजा है। पिछले हफ्तों में दिल्ली और पटना में कई दौर की बैठकें हुईं, जहां BJP के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने सभी पक्षों को संतुष्ट करने का जुगाड़ बिठाया। सूत्रों के मुताबिक, JDU ने 102-103 सीटों की मांग की थी, लेकिन अंत में 101 पर सहमति बनी। LJP की 29 सीटें चिराग की लोकसभा सफलता (5 सीटें) को देखते हुए दी गईं, जबकि HAM और RLM को महादलित और कुशवाहा वोट बैंक के लिए 6-6 मिलीं। कुल 243 में से 3 सीटें अभी अंतिम फैसले के इंतजार में हैं, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामूली मुद्दा है।
महागठबंधन की ओर से RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, “NDA का यह ‘एकता शो’ तो ठीक, लेकिन जंगलराज खत्म करने के वादे भूल गए?” लेकिन NDA के अंदर उत्साह का माहौल है। पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश में कहा, “बिहार NDA के नेतृत्व में ही समृद्ध होगा। यह बंटवारा बिहारवासियों का विश्वास जीतेगा।” उम्मीदवारों की लिस्ट जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिसमें जातिगत समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा। फिलहाल NDA की हुंकार गूंज रही है – एक लक्ष्य, एक दिशा, एक विश्वास!



