पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अब पोस्टरवार शुरू हो गया है। शनिवार को RJD ने जारी किया तेजस्वी का नया पोस्टर, आरजेडी कार्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर में तेजस्वी यादव को ‘बिहार का नायक’ बताया गया है। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वही अब बीजेपी और जेडीयू इसे लेकर राजद पर हमलावर हैं।
बीजेपी-जेडीयू ने लालू यादव के भी लिया निशाने पर
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन की ओर से लगाए गए तेजस्वी यादव के पोस्टर ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। पोस्टर में तेजस्वी की तस्वीर के साथ “बिहार का नायक” लिखा है, जो इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच एकजुटता का दावा कर रहा है। लेकिन, एनडीए के घटक दलों ने इसे “खोखला प्रचार” बताते हुए तीखा पलटवार किया है। बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि “खलनायक का बेटा नायक कैसे बन गया?”
महागठबंधन ने हाल ही में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया, जबकि मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया। राजद कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पोस्टर पूरे बिहार के गांव-गांव तक पहुंचेगा, ताकि 20 साल पुरानी “खटारा सरकार” को विदाई देने का संदेश दिया जा सके। तेजस्वी ने हाल ही में एक रैली में कहा था , “मैं बिहार का बेटा हूं। अब वक्त आ गया है कि जनता इस पुरानी सरकार को अलविदा कहे।” लेकिन, एनडीए नेताओं ने इसे “खाली नारा” बताते हुए कहा कि बिहार की जनता विकास के नाम पर मोदी-नीतीश की जोड़ी को ही चुनेंगी।
नए साल पर भी अबकी बार तेजस्वी सरकार के पोस्टर लगे थे
राजद की ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ कोई नई बात नहीं। नए साल पर लालू के घर के बाहर भी “अबकी बार तेजस्वी सरकार” का नारा वाले पोस्टर लगे थे। लेकिन इस बार के पोस्टर को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जिसके पिता खलनायक हैं वह नायक कैसे हो सकता है। लालू प्रसाद यादव बिहार के गब्बर सिंह हैं। कई मामलों में आरोपी हैं। कोर्ट से सजायाफ्ता होने के कारण उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गयी है। तेजस्वी यादव पर भी आईआरसीटीसी घोटाला केस में आरोप तय हो गए हैं। ऐसे व्यक्ति को नायक बताना शर्मसार करने वाली बात है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के पोस्टर पर निशाना साधते हुए कहा है कि 420 का अभियुक्त नायक बनेगा। इन लोगों ने नायक शब्द को भी अपमानित कर दिया है। जिन पर बिहार में 18 मामले दर्ज हैं, दिल्ली में 7 केस दर्ज हैं। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी एक-एक केस दर्ज है।आर्थिक अपराध के 27 मामले तेजस्वी यादव के खिलाफ लंबित हैं। वह व्यक्ति नायक बन जाए तो लोग इस शब्द से ही नफरत करने लगेंगे। यह व्यक्ति असल में में खलनायक है। लालूयादव यादव की राजनीति की उपज है। दरअसल लंबी बहस और इंतजार के बाद तेजस्वी यादव खुद को महागठबंधन का सीएम उम्मीदवार घोषित करवाने में सफल रहे।



