नई दिल्ली: दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री एकजुटता दिखाते हुए सामने आए हैं। इस दौरान, उनकी सरकार के कई मंत्रियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे न केवल मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमला बताया, बल्कि इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रक्रियाओं पर सीधा प्रहार भी करार दिया।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा का बयान
दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस हमले की निंदा की। उन्होंने लिखा, “अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुआ हमला अत्यंत निंदनीय है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने आगे कहा कि जनसुनवाई लोगों से सीधा जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जहां जनता बिना किसी डर के अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकती है। वर्मा ने इस तरह की “पवित्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने” के प्रयास को अस्वीकार्य बताया और कहा कि दोषियों पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री @gupta_rekha जी पर हुआ हमला अत्यंत निंदनीय है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। जनसुनवाई का कार्यक्रम लोगों से सीधे जुड़ने का माध्यम है, जहां जनता अपने सवाल और संदेह बिना किसी डर या बाधा के मुख्यमंत्री तक पहुँचा पाती है। ऐसी…
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) August 20, 2025
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं
हमले के बाद, दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
कानून मंत्री कपिल मिश्रा: उन्होंने इस हमले को ‘कायराना’ बताया और कहा कि यह “खराब नीयत व नफरत के साथ किया गया हमला” है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के लोग ऐसी सोच को कभी माफ नहीं करेंगे।
पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा: सिरसा ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लोगों के साथ “निडर जुड़ाव” विपक्ष को परेशान करता है, इसीलिए ऐसी शर्मनाक हरकतें हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की ताकत, सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद: शिक्षा मंत्री ने इस हमले को “अत्यंत दुखद, निंदनीय और अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने लिखा कि दिल्ली के लिए लगातार काम करने वाली एक “संवेदनशील और दृढ़निश्चयी महिला नेतृत्व” पर हुआ यह हमला लोकतांत्रिक आचरण की मूल भावना के विपरीत है। सूद ने इसे समाज में अराजकता फैलाने का एक “घृणित प्रयास” बताया और दिल्ली पुलिस से इस मामले की गहन जांच करने और षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस इस साजिश की तह तक जाएगी। सभी मंत्रियों ने एक सुर में कहा कि इस तरह के हमले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।



