पटना: बिहार पुलिस ने अपराध से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। प्रदेशभर में संचालित अपराध नेटवर्क को तोड़ने और अपराधियों पर आर्थिक शिकंजा कसने की दिशा में यह अब तक की सबसे बड़ी मुहिम बताई जा रही है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य के कुल 38 जिलों से 1300 ऐसे कुख्यात अपराधियों की पहचान की गई है, जिन्होंने आपराधिक गतिविधियों के जरिये अकूत संपत्ति अर्जित की है। इनमें से शुरुआती 10 अपराधियों के खिलाफ न्यायालय द्वारा संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी भी हो चुका है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
जिन अपराधियों की संपत्तियों पर गिरी गाज
इन 10 में से तीन आरोपी किशनगंज जिले के हैं, जबकि गया व मुजफ्फरपुर से दो-दो, और पटना, जहानाबाद एवं नवादा से एक-एक अपराधियों की संपत्तियां कोर्ट के आदेश पर जब्त की जानी हैं। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना अंतर्गत नगर पंचायत निवासी रहीमुद्दीन उर्फ हैबर, विशनपुर थाना के चांद हुसैन उर्फ चांद और सदर थाना के खगड़ा से मो. कुर्बान के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई जारी है।
नवादा जिले में नरहट थाना के कुख्यात बालू माफिया अजय कुमार उर्फ दीपम उर्फ दीपक की संपत्ति भी निशाने पर है और उसकी कुर्की की प्रक्रिया कोर्ट के आदेशानुसार आरंभ हो चुकी है।
पूरे राज्य से मिलीं 1300 संपत्तियों की सूची
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 1234 थाना क्षेत्रों से ऐसे अपराधियों की सूचना आई है जिनके पास अवैध संपत्ति होने का संदेह है। सबसे ज्यादा प्रस्ताव राजधानी पटना से प्राप्त हुए हैं, जहां 82 अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने का प्रस्ताव न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
इसके अलावा गया से 55, रोहतास से 49, मोतिहारी से 48, मुजफ्फरपुर से 43, भागलपुर से 43, मधुबनी से 42, नालंदा से 41, दरभंगा से 39, समस्तीपुर से 35, सारण से 36, वैशाली से 33, पूर्णिया से 32, सीवान से 27, बक्सर से 24 अपराधियों की संपत्ति जब्त की जानी है।
इन जिलों से भी बड़ी संख्या में अपराधियों की संपत्तियों की जांच और जब्ती के प्रस्ताव आए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि जांच जारी है।
कुंदन कृष्णन बोले: अवैध संपत्ति वालों पर सख्त कार्रवाई तय
एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अपराध की कमाई से बनाई गई संपत्ति को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने 1300 अपराधियों की पहचान की है। पटना से सबसे ज्यादा 82 प्रस्ताव मिले हैं। कोर्ट ने अब तक 10 कुख्यातों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे दिया है और कार्रवाई शुरू भी हो गई है।”
उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई व्यापक स्तर पर की जा रही है ताकि राज्य में संगठित अपराध को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय की अनुमति के बाद ही संपत्ति कार्रवाई की जाती है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से मजबूत हो।
अपराधियों को मिलेगी सख्त सजा
बिहार पुलिस की यह कार्रवाई संकेत देती है कि अब केवल गिरफ्तारी या चार्जशीट ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों को पंगु बनाने की नीति पर काम हो रहा है। पुलिस मानती है कि संपत्ति जब्ती की कार्रवाई अपराधियों के नेटवर्क को गंभीर झटका देगी और दूसरे अपराधियों में डर पैदा होगा।
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आगे की योजना
पुलिस की यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। अन्य जिलों के भी अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। संबंधित थानों को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजी जाए ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया निपटाई जा सके।
गौरतलब है कि बिहार सरकार और पुलिस विभाग की यह पहल राज्य को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। अब न सिर्फ अपराध करने वालों को जेल भेजा जाएगा, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कानून का डंडा चलेगा।



