तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी मालवाहक जहाज़ ‘M/V टॉस्का’ को ज़ब्त किए जाने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ के अनुसार, ईरान ने ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरान की सैन्य कमांड इकाई ख़ातम अल-अनबिया ने इसे “अमेरिकी नौसेना की हथियारबंद लूट” का जवाब बताया है और युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
ट्रंप का दावा: “नेवी ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश नाकाम”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि 900 फ़ुट लंबे जहाज़ ‘टॉस्का’ ने अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी।
- चेतावनी को किया नज़रअंदाज़: ट्रंप के मुताबिक, जहाज़ को रुकने की चेतावनी दी गई थी, जिसे अनसुना करने पर अमेरिकी नेवी ने उसके इंजन रूम पर हमला कर उसे समुद्र के बीच में ही रोक दिया।
- एयरक्राफ़्ट कैरियर जितना भारी: ट्रंप ने इस जहाज़ की तुलना एक एयरक्राफ़्ट कैरियर से करते हुए इसकी जब्ती को बड़ी उपलब्धि बताया।
इस्लामाबाद शांति वार्ता पर मंडराया खतरा
यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी कर रहे थे।
- जेडी वेंस का दौरा: व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (जिसमें जैरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ़ शामिल हैं) के साथ सोमवार को पाकिस्तान पहुँचेंगे।
- ईरान का इनकार: ईरानी सरकारी मीडिया ‘इरना’ (IRNA) ने इन खबरों को “सही नहीं” बताया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और धमकियाँ जारी रहेंगी, तब तक बातचीत की प्रगति संभव नहीं है।
क्षेत्र में युद्ध की आहट: मुख्य बिंदु
- ड्रोन हमलों से नुकसान: हालांकि ईरान ने ड्रोन हमलों का दावा किया है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- संघर्षविराम की स्थिति: दो हफ़्तों का वर्तमान संघर्षविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है, और ताज़ा हमलों ने इसके आगे बढ़ने की उम्मीदों को कम कर दिया है।
- भारतीय जहाजों पर खतरा: इस तनाव के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले जहाज़ों पर भी गोलीबारी की खबरें आई हैं, जिसे लेकर भारत ने अपनी चिंताएँ ज़ाहिर की हैं।



