नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी में शुक्रवार को एक ही परिवार के 5 सदस्यों ने जहर खा लिया। पीडि़तों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान दो बेटियों और मां समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं परिवार के मुखिया की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि 5 लाख के कर्ज में परिवार डूबा था, जिसके चलते ये कदम उठाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार शहर के जल मंदिर के पास किराये के मकान में रहता था। जहर खाने वालों में पति, पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां शामिल हैं। इनमें से पत्नी और तीनों बच्चों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि शेखपुरा जिला के पुरनकामा का रहने वाला परिवार पावापुरी जलमंदिर के पास पिछले छह महीने से किराये के मकान में रह रहा था और कपड़े का कारोबार करता था।
शुक्रवार शाम परिवार के पांच सदस्यों ने जहर खा लिया। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। आनन-फानन में पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहर खाने वालों में धर्मेंद्र कुमार, पत्नी रीता देवी, बेटा भोला कुमार, बेटी एरिया राज व सोनी कुमारी शामिल हैं। जबकि, बेटा शिवम कुमार उर्फ भोला कुमार ने जहर नहीं खाया था पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। परिवार के जहर खाने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
उधर, सूत्रों का कहना है कि परिवार कर्ज में डूबा था और दबाव में आकर जहर खा लिया है। किसी व्यक्ति से पीडि़त परिवार ने करीब पांच लाख कर्ज लिया था। वह पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। डीएसपी का भी कहना है कि शुरुआती जांच में कर्ज लेने की बात सामने आ रही है।



