नई दिल्ली | जनता से किए गए वादों को दिल्ली सरकार पूरा कर रही है। सरकार के एक साल पूरा होने पर गरीबों को मुफ्त खाना खिलाने की पहल की है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना व सीएम रेखा गुप्ता ने एक साथ 25 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की है। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अब अटल कैंटीनों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है। एलजी व सीएम कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ भोजन भी किए।

अटल कैंटीन में मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों को 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल समेत वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) द्वारा संचालित कैंटीन में विशेष रूप से श्रमिक वर्ग और जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराएंगी।

डिजिटल टोकन सिस्टम से पारदर्शिता बनी रहेगी
कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें। समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने जहांगीरपुरी, आदर्श नगर, दिल्ली में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। विधायक राजकुमार भाटिया उपस्थित रहे। कपिल मिश्रा चौहान पट्टी, करावल नगर में कैंटीन का शुरू की।
कम कीमत पर पौष्टिक आहार दिल्ली वालों को मिलेगा: एलजी वीके सक्सेना
एलजी वीके सक्सेना ने इस मौके पर कहा कि यह दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण दिन है। 25 नई अटल कैंटीन शुरू होने के बाद अब राजधानी में कुल 71 अटल कैंटीन अलग-अलग जगहों पर चल रही हैं। यहां लोगों को कम कीमत पर साफ और पौष्टिक भोजन मिल रहा है। यह पहल पिछले साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर शुरू की गई थी। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, प्रवासी मजदूरों, बाहर से पढ़ने आए छात्रों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और मजदूरों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार हर थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी दे रही है ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ खाना मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता पर नियमित नजर रखी जाती है और साफ-सफाई व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने सीएम व उनकी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इस योजना को आगे भी इसी तरह सफलतापूर्वक चलाया जाना चाहिए।
दिल्ली में अब कोई भूखा नहीं सोएगा-सीएम रेखा गुप्तामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन उन लोगों के लिए हैं, जो प्रतिदिन कठिन परिश्रम करते हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सस्ती कीमत पर सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन मिले। यह योजना केवल खाना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीबों, मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, निर्माण श्रमिकों और रिक्शा चालकों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है ताकि कोई भी भूखा न सोए। अटल कैंटीनों में मात्र 5 रुपये में स्वच्छ, पौष्टिक और अच्छा भोजन दिया जा रहा है, जिससे कम आय वाले लोगों को राहत मिल रही है। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य 100 अटल कैंटीन शुरू करने का है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
20 फरवरी को दिल्ली सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। जनता के विश्वास से राजधानी में बदलाव आया है और सरकार पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ काम कर रही है। पिछले एक साल में गरीबों और मजदूरों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। अटल कैंटीनों की शुरुआत भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकसित और समावेशी दिल्ली बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
जल्द 25 और नई कैंटीन, 50,000 से ज्यादा जरूरतमंदों को भोजन: आशीष सूद
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार ‘अंत्योदय’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 25 दिसंबर से शुरू हुई अटल कैंटीन योजना के तहत अब तक 57 दिनों में 14,58,301 लोगों ने केवल 5 रुपये में पौष्टिक भोजन किया है। पिछले 56 दिनों में 46 अटल कैंटीन चल रही थीं, जहां प्रतिदिन औसतन करीब 26 हजार लोगों ने भोजन किया। हर कैंटीन में औसतन 31 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन दिया गया है। जल्द ही 25 और नई कैंटीन शुरू की जाएगी, जिससे रोज करीब 50,000 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा।
अटल कैंटीन सिर्फ भोजन देने की योजना नहीं है, बल्कि समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास है। पीएम नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सरकार ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, ताकि विकास का लाभ आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
सरकारी स्कूल में स्मार्ट बोर्ड से पढ़ाईमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पीएम का संकल्प है ‘कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए’, को साकार दिल्ली सरकार कर रही है। जितना विकास पिछली सरकार में मुख्यमंत्री की विधानसभा में भी नहीं हुआ, उतना विकास वर्तमान सरकार में दिल्ली की हर विधानसभा में होगा। नये मास्टर प्लान में करावल नगर के क्षेत्रों को ओ-जोन से बाहर लाने की योजना है। सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड से पढ़ाई होगी, विधायक निधि से स्कूलों में आधुनिक खेल सुविधाएं भी विकसित होंगी।



