नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम ) के ऐलान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दी है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को कच्चे तेल के दाम करीब 15% यानी 15 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 94.27 डॉलर पर आ गए। जानकारों के मुताबिक एक दिन के भीतर कीमतों में आई यह गिरावट पिछले 6 वर्षों में सबसे बड़ी है।
120 डॉलर तक पहुंच गई थीं कीमतें
गौरतलब है कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो युद्ध के दौरान उछलकर 120 डॉलर तक पहुंच गया था। मंगलवार तक कीमतें 109.27 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई थीं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।
शेयर बाजारों में लौटी रौनक
युद्ध थमने की खबरों का सकारात्मक असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिखा। अमेरिका का एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 2% और यूरोपीय बाज़ार 5% तक की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। भारतीय शेयर बाज़ार में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी करीब 4% तक चढ़ गए।
डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटने का सीधा फायदा भारतीय मुद्रा को मिला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे मज़बूत होकर 92.55 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी दिन रुपया 92.96 पर बंद हुआ था।



