रामबन में बादल फटा, 3 की मौत

रामबन में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और मलबे के साथ बहने से दो मकान और एक स्कूल भवन पूरी तरह नष्ट हो गए। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं।

Share This Article:

श्रीनगर: भारत के उत्तरी पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। अचानक आई बाढ़ और मलबे के साथ बहने से दो मकान और एक स्कूल भवन पूरी तरह नष्ट हो गए। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी बादल फटने और भूस्खलन की खबरें लगातार आ रही हैं।

​पहाड़ों पर लगातार बढ़ रही हैं आपदाएं

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के पहाड़ी राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में पिछले एक हफ्ते से भारी बारिश हो रही है, जिससे नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी हर चीज़ को बहा ले जा रहा है। इसके साथ ही, ढलानों से लगातार पत्थर और पेड़ गिर रहे हैं।

​हाईवे बंद, यातायात बाधित

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, लगातार पांचवें दिन भी बंद है। इस हफ्ते की शुरुआत में भारी बारिश और बाढ़ के कारण उधमपुर जिले में जखेनी और चेनानी के बीच हुए भूस्खलन से 2,000 से ज्यादा गाड़ियां फंसी हुई हैं। इसके अलावा, जम्मू क्षेत्र की नौ और सड़कें भी भूस्खलन के कारण बंद हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

​उत्तराखंड और हिमाचल में भी कहर

सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं, अन्य पहाड़ी राज्यों में भी हालात गंभीर हैं। उत्तराखंड में गुरुवार को बादल फटने से 5 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग लापता हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे का हिस्सा बह गया है।

​राहत और बचाव कार्य जारी

रामबन प्रशासन के मुताबिक, एनडीआरएफ (NDRF), पुलिस और स्थानीय टीमें मिलकर बचाव कार्य में जुटी हैं। हालांकि, पहाड़ी और बारिश वाले मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। वहीं, कश्मीर के गुरेज सेक्टर में भी शुक्रवार को बादल फटा, लेकिन सौभाग्य से वहां कोई हताहत नहीं हुआ।

​प्रमुख कारण और घटनाक्रम:

  • लगातार बारिश: पिछले एक हफ्ते से जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे नदियां और नाले उफान पर हैं।
  • कमजोर भू-संरचना: इन क्षेत्रों की पहाड़ी मिट्टी और ढलानें पहले से ही कमजोर हैं। लगातार बारिश से ये और भी अस्थिर हो जाती हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
  • ​बादल फटने की घटनाएं: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में नमी बहुत ज़्यादा होने पर अचानक एक ही जगह पर बहुत कम समय में भारी बारिश होती है, जिसे बादल फटना कहते हैं। रामबन, उत्तराखंड और गुरेज सेक्टर में यही हुआ है।
  • ​यातायात बाधित: जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे प्रमुख मार्ग कई दिनों से बंद हैं, जिससे हजारों वाहन फंसे हुए हैं और लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
  • ​जान-माल का नुकसान: इन आपदाओं में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण घर, स्कूल और अन्य इमारतें भी नष्ट हो गई हैं।

यह घटना दर्शाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएं एक गंभीर समस्या बन गई हैं, जिसके लिए राहत, बचाव और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.