पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए खेमे में सीट बंटवारे को लेकर चिराग पासवान की नाराजगी के बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को एक हाई लेवल मीटिंग की। लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एनडीए में बने रहेंगे या नहीं। यह अब बिहार की सियासत का सबसे बड़ा सवाल बन गया है! चिराग पासवान 40 सीटों से कम पर समझौते के मूड में नहीं हैं, जबकि भाजपा इस मांग को थोड़ा कम करने का दबाव बना रही है।
दिल्ली में हुई मुलाकात, पटना में हलचल
दिल्ली में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चिराग पासवान से मुलाकात की है। इसी के बाद पटना में लोजपा (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय, 1-व्हीलर रोड पर आज एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक की अध्यक्षता बिहार चुनाव प्रभारी और जमुई सांसद अरुण भारती ने की, जबकि प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी भी मौजूद रहे। फिलहाल एनडीए में सीट बंटवारे पर सस्पेंस बरकरार है।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
चुनाव से संबंधित सभी निर्णय लेने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जी को पूर्ण अधिकार दिए जाते हैं।” इसके साथ ही यह भी कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के द्वारा लिया गया हर निर्णय पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को मंजूर होगा।” लोजपा (रामविलास) ने यह संकेत दिया है कि अंतिम फैसला दिल्ली में चिराग पासवान और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद ही होगा।
क्या एनडीए में रहेंगे चिराग?
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि अगर सीटों को लेकर सहमति नहीं बनी तो चिराग पासवान अलग राह भी चुन सकते हैं। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि “हम चाहते हैं कि एनडीए मजबूत रहे, लेकिन सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए।” चिराग ने हाल ही में कहा था कि हम गठबंधन में हैं, लेकिन आत्मसम्मान की राजनीति करते हैं।”
243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
लोजपा (रामविलास) ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए तैयार पूरी है।
बिहार के हर जिले में संगठनात्मक बैठकें और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया जारी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की उम्मीदवारों की पहली सूची अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है। अगर एनडीए में सीट फाइनल नहीं होती है। फिलहाल अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली चिराग पासवान और भाजपा नेतृत्व की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां बिहार चुनाव को लेकर बड़ा फैसला संभव है।



