Ahmedabad Plane Crash: शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य

भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की तरफ से तैयार इस रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजहों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के टेक ऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच (फ्यूल कंट्रोल स्विच) 'रन' से 'कट-ऑफ' स्थिति में चले गए।

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नई दिल्ली: पिछले महीने अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash Report) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी हो चुकी है। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की तरफ से तैयार इस रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजहों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच (फ्यूल कंट्रोल स्विच) ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ स्थिति में चले गए, जिसके कारण इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई और विमान क्रैश कर गया। इस हादसे में 260 लोगों की जान गई, जिसमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। केवल एक यात्री, ब्रिटिश-भारतीय मूल का विश्वास कुमार रमेश, चमत्कारिक रूप से जीवित बचा।

हादसे का घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, 12 जून 2025 को दोपहर 1:38:42 बजे, लंदन-गतविक के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान 180 नॉट्स की अधिकतम गति तक पहुंचा। इसके ठीक बाद, पहले इंजन 1 और फिर एक सेकंड बाद इंजन 2 का फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘कट-ऑफ’ स्थिति में चला गया। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत में एक पायलट दूसरे से पूछता है, तुमने फ्यूल कट-ऑफ क्यों किया? जवाब में दूसरा पायलट कहता है कि उसने स्विच को नहीं छुआ। लगभग 10 सेकंड बाद, 1:38:56 बजे, इंजन 1 का स्विच वापस ‘रन’ स्थिति में लाया गया, और चार सेकंड बाद इंजन 2 का स्विच भी ‘रन’ में किया गया।

पायलटों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की
इससे पता चलता है कि पायलटों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन कम ऊंचाई के कारण इंजनों को दोबारा शुरू करने का समय नहीं मिला। 1:39:05 बजे, पायलटों ने मे डे, मे डे, मे डे का आपातकालीन संदेश भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके तुरंत बाद विमान अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में क्रैश हो गया, जिससे जमीन पर भी 19 लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि टेकऑफ के बाद विमान ने तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू की। इस दौरान रैम एयर टरबाइन (RAT), जो आपातकालीन बिजली आपूर्ति के लिए एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण है, स्वतः सक्रिय हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि यह उपकरण टेकऑफ के तुरंत बाद सक्रिय हुआ, जो इंजनों के अचानक बंद होने का संकेत देता है।

पायलट और चालक दल की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, विमान के कप्तान सुमीत सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर दोनों अनुभवी थे। कप्तान के पास 15,638 उड़ान घंटों का अनुभव था, जिसमें 8,596 घंटे बोइंग 787 पर थे, जबकि को-पायलट के पास 3,400 घंटों का अनुभव था। दोनों पायलट उड़ान से पहले मुंबई से अहमदाबाद पहुंचे थे और उन्हें पर्याप्त आराम मिला था। उड़ान से पहले दोपहर 12 बजे किए गए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में दोनों को उड़ान के लिए पूरी तरह फिट पाया गया।

ईंधन और अन्य जांच
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि विमान में भरे गए ईंधन के नमूने संतोषजनक पाए गए। ईंधन टैंकरों और विमान के टैंकों से लिए गए नमूनों की जांच डीजीसीए की प्रयोगशाला में की गई, और कोई खराबी नहीं पाई गई। इसके अलावा, उड़ान मार्ग पर किसी पक्षी की टक्कर (बर्ड स्ट्राइक) की कोई जानकारी नहीं मिली। विमान का टेकऑफ वजन भी स्वीकार्य सीमा में था, और इसमें कोई खतरनाक सामान नहीं था। हालांकि, विमान के सहायक पावर यूनिट (APU) फिल्टर और बाईं विंग के रिफ्यूल/जेटिसन वाल्व से बहुत कम मात्रा में ईंधन नमूने मिले। इन नमूनों को विशेष प्रयोगशालाओं में और जांच के लिए भेजा जाएगा।

विशेषज्ञों की राय
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच का ‘कट-ऑफ’ स्थिति में जाना अत्यंत असामान्य है, क्योंकि ये स्विच विशेष रूप से सुरक्षित डिजाइन के साथ बनाए जाते हैं ताकि इन्हें गलती से न हटाया जा सके। अमेरिकी एविएशन विशेषज्ञ जॉन कॉक्स ने कहा, इन स्विच को गलती से हिलाना संभव नहीं है। अगर स्विच बंद किए गए, तो सवाल यह है कि ऐसा क्यों हुआ? विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानवीय भूल, जानबूझकर की गई कार्रवाई या तकनीकी खराबी का परिणाम हो सकता है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में इसकी वजह स्पष्ट नहीं है।

एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, हम हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ हैं और इस दुखद समय में उनकी हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने 12 जुलाई 2025 को एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त की है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। चूंकि जांच अभी जारी है, हम इस समय किसी विशेष जानकारी पर टिप्पणी नहीं कर सकते।

आगे की जांच
रिपोर्ट में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है, और जांच अभी जारी है। एएआईबी ने कहा कि अगले कदमों में अतिरिक्त सबूतों, रिकॉर्ड्स और हितधारकों से जानकारी की समीक्षा शामिल होगी। अंतिम रिपोर्ट एक साल के भीतर आने की उम्मीद है। इस बीच, बोइंग और जनरल इलेक्ट्रिक, जिन्होंने विमान और इसके इंजन बनाए, ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। यह हादसा भारत के एविएशन इतिहास में सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है, और इसकी जांच से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सबक मिल सकते हैं।

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