पटना: राघोपुर दियारा और नजदीकी इलाकों के विकास की संभावनाओं को टटोलने के लिए बिहार सरकार ने ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी जमीनी हकीकत की पड़ताल कर विकास की संभावना का पता लगाएगी। इसके आधार पर वह विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार करेगी। इसके बाद सरकार योजना को मूर्त रूप देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि सुदूर गांव का भी विकास होना चाहिए। इससे स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो सकेगी।
व्यापार और निवेश में होगी वृद्धि
अधिकारी बताते हैं कि इस पुल के चालू होने से दियारा क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और निजी निवेश को बल मिला है। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। व्यापार और निवेश से लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। लोगों की सामाजिक, आर्थिक उन्नति होगी और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
6 लेन पुल के साथ-साथ गंगा के किनारे नई-नई जगहों को विकसित कर वहां पर्यटकीय सुविधा के विस्तार की राज्य सरकार की योजना है। इससे वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही गंगा किनारे हरित क्षेत्र, रिवरफ्रंट, वानस्पतिक उद्यान, तितली उद्यान, फूड कोर्ट और अर्बन महिला हाट जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।
महात्मा गांधी सेतु पर दबाव कम
नए पुल से कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल के शुभारंभ से महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। आए दिन महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले जाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
साल भर निर्बाध आवागमन
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल के शुरू होने से पहले पहले आवागमन के लिए कोई बेहतर साधन नहीं था। लोगों को नावों पर निर्भर रहना पड़ता था। नया पुल खुलने से बाढ़ के दौरान पीपा पुल या नावों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे लोगों को सालभर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिलेगी। 6 लेन पुल पर गाड़ियां फर्राटा भरेंगी। राघोपुर से राजधानी पटना की दूरी महज 5 मिनट में पूरी हो रही है। इससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है।

