नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं पुनर्विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को निगम की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में पुरानी दिल्ली के पुनर्विकास, विरासत संरक्षण, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने की जिम्मेदारी
बैठक में शहरी विकास मंत्री एवं निगम के उपाध्यक्ष आशीष सूद, प्रबंध निदेशक संदीप कुमार तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ऐतिहासिक चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार का विकास उसकी ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखते हुए किया जाए। साथ ही बढ़ती आवाजाही को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
चांदनी चौक की ओर से नया द्वार
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए चांदनी चौक की ओर से एक नया प्रवेश एवं निकास द्वार विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि इसे प्रमुख विरासत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास के दौरान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए, जिससे विरासत संरक्षण और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन बना रहे।
पर्यटकों की सुविधा के लिए विकसित होगी पार्किंग
बैठक में पर्यटकों की सुविधा के लिए चांदनी चौक में समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने, व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने और यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर तथा उसके पीछे के क्षेत्र के समग्र विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पुरानी दिल्ली का विकास केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विरासत संरक्षण, पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भवनों का संरक्षण करते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और पर्यटकों सभी को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



