नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आए छात्रों ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को देश विरोधी बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन बीजेपी और केंद्र सरकार को पसंद नहीं आ रहा है। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
छात्रों को बदनाम करने की कोशिश: केजरीवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए उन्हें देश विरोधी बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के बयान का वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि पेपर लीक का विरोध करने वाले छात्रों को देश विरोधी कैसे कहा जा सकता है।
पेपर लीक को बताया बड़ा घोटाला
पेपर लीक के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा कि यह करोड़ों-अरबों रुपये का खेल बन चुका है और इसमें बड़े लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आई हैं। उनके मुताबिक, बार-बार पेपर लीक होना व्यवस्था की गंभीर विफलता को दिखाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इसलिए इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।



