नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आगामी गर्मी और संभावित लू की स्थिति को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य राजधानी में हीटवेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करना और राहत एवं बचाव कार्यों को समय रहते प्रभावी ढंग से लागू करना था।
अधिकारियों ने दिए निर्देश
बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी जरूरी शमन और राहत उपायों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि भीषण गर्मी के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
एलजी संधू ने बताया
एलजी संधू ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों को कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंडों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गर्मी से राहत के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजधानी में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था, ओआरएस वितरण, अस्थायी कूलिंग सेंटर, छायादार स्थानों और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
उपराज्यपाल ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी एजेंसियां एक साझा रणनीति के तहत काम करें ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों और कार्यों की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। एलजी ने नागरिकों से भी अपील की कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।



